{"_id":"f73f128366804590bd8f77cb4d3775a0","slug":"municipal-councilor-are-neglected-in-nagar-nigam-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम में हिचकोले खा रहे 'पार्षद'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम में हिचकोले खा रहे 'पार्षद'
देहरादून/अंशुल डांगी
Updated Tue, 13 Aug 2013 07:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून में स्ट्रीट लाईट के बारे में जानकारी लेने मुख्य नगर अधिकारी के पास गई महिला पार्षद की अनदेखी करना मंगलवार को एमएनए के लिए एक बार फिर भारी साबित हुआ। इस पर कई पार्षद इकठ्ठा हुए और एमएनए को खरी-खोटी सुनाते हुए एक हफ्ते में सुधरने का समय दिया है।
विज्ञापन
नगर निगम में पार्षदों की लगातार हो रही उपेक्षा से भड़के पार्षदों और मुख्य नगर अधिकारी के बीच मंगलवार की दोपहर जमकर नोकझोंक हुई। पार्षदों के तेवरों को देख एमएनए ने निगम से जाने की कोशिश की, लेकिन पार्षद गाड़ी के आगे खड़े हो गए।
विज्ञापन
परमिशन बिना ना घुसें 'पार्षद'
विज्ञापन
जवाब तक नहीं देते मएनए
मंगलवार की दोपहर मोहित नगर की पार्षद अमिता सिंह स्ट्रीट लाईट के संबंध में बात करने एमएनए के कक्ष में पहुंची। उन्होंने एमएनए से वार्डों में बंट रही स्ट्रीट लाईट के बारे में जानकारी मांगी और ब्लैक लिस्टेड कंपनी से ही दोबारा बल्ब मंगाने के बारे में सवाल पूछा तो एमएनए ने कोई जवाब नहीं दिया।
एमएनए जवाब देने के बजाए अपने साथ एक व्यक्ति को लेकर अंदर के कमरे में चले गए। इस पर अमिता सिंह भड़क गई और बाहर मौजूद साथी पार्षदों को इसकी जानकारी दी।
पार्षदों ने कमरे से एमएनए को निकाला
एमएनए के इस रवैये से नाराज पार्षदों ने अंदर के कमरे से बाहर निकाला, लेकिन कार्यालय में बैठने की बजाए एमएनए बाहर आकर जाने लगे। इतने में पार्षदों ने गाड़ी घेर ली और एमएनए को वापस कार्यालय में ले गए।
करीब आधे घंटे तक पार्षदों ने एमएनए को घेरकर खूब खरी-खोटी सुनाई और सप्ताहभर में शहर में स्ट्रीट लाईट, कूड़ा निस्तारण सहित अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग की। साथ ही एमएनए को पार्षदों को नजरअंदाज न करने की नसीहत भी दी है। इस दौरान सतीश कश्यप, अजय सिंघल, सुशील गुप्ता, भूपेंद्र कठैत, अरुण खन्ना, राजकुमार कक्कड़, नीरज सेठी आदि उपस्थित थे।
मेयर ने 15 बल्ब देने के दिए निर्देश
नगर निगम में हुए हंगामे के बाद मेयर विनोद चमोली ने पार्षदों को बुलाकर कारण पूछा। पार्षदों ने एमएनए के उपेक्षा पूर्ण रवैये के बारे में मेयर को जानकारी दी।
साथ ही स्ट्रीट लाईट बंटवारे में भी भेदभाव करने का आरोप लगाया। इसके बाद मेयर ने विद्युत निगम के प्रत्येक वार्ड को 15-15 स्ट्रीट लाईट बांटने के निर्देश दिए। जिसमें 70 वाट के 10 और 150 वाट के 5 बल्ब देने के लिए कहा गया।
विधायकों से क्या होती है बात
पार्षद सतीश कश्यप ने कहा कि पार्षदों के जाने पर तो एमएनए बात तक करना उचित नहीं समझते। मगर जैसे ही कोई विधायक कार्यालय में आता है, तो एमएनए उनको लेकर अंदर के कमरे में चले जाते हैं। जहां घंटों बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि विधायकों से ऐसी क्या गुप्त बातें होती हैं जो सबके सामने नहीं हो सकती।