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मृत्युंजय मिश्रा प्रकरण: पत्नी की एंट्री के बाद हुई मृणाल धूलिया की चांदी
Tue, 15 Jan 2019 10:17 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 15 Jan 2019 10:17 AM IST
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डा. मृत्युंजय मिश्रा
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युवाओं को ठगने के आरोपी मृणाल धुलिया के मृत्युंजय मिश्रा से करीबी रिश्तों की एक कहानी और सामने आई है। जांच में आया है कि साल 2016 में धूलिया की पत्नी योगिता को मिश्रा ने अपने स्टाफ में शामिल किया था। बस फिर क्या था योगिता नियुक्ति की आड़ में मृणाल ने एक के बाद एक युवाओं को स्थाई नौकरी का झांसा दिया और उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए।
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दरअसल, 2016 में विवि ने फर्जी अस्पताल दिखाकर आयुर्वेद संकाय खोला। पूरे साल के आंकड़े ही इसमें फर्जी दिखाए गए। जब बात गैर शैक्षणिक पदों पर स्टाफ दिखाने की आई तो तत्कालीन कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा ने योगिता धूलिया को अपने स्टाफ में संबद्ध करने का आदेश दिया। इस आदेश की आड़ में ही मृणाल धूलिया ने पैसे लेकर स्थाई नौकरी का झांसा देते हुए कर्मचारी भरे और इनका नाम सीसीआईएम को भेजा गया। मई 2018 में वर्तमान कुलपति अभिमन्यु कुमार ओर प्रभारी कुलसचिव डॉ आदेश अदना ने सीसीआईएम ने निरीक्षण कराया तब भी ये कर्मचारी विवि से संबद्ध दिखाए गए। निरीक्षण के 15 दिन बाद ही इन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
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इस सबके अलग चूंकि धूलिया कर्मचारियों को भर्ती कर चुका था तो उसका प्रभाव भी बढ़ने लगा। इन कर्मचारियों ने अपने अपने परिचितों को यह बात बतानी शुरू की। इसके बाद धूलिया ने तमाम युवाओं को नौकरी का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपये ठगे।
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धूलिया की वैधशाला को मिला था जिम्मा
मृणाल धूलिया की उत्तराखंड आयुर्वेद विवि में धन्वंतरि वैद्यशाला थी। मई 2016 में तत्कालीन कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार मिश्रा ने धन्वंतरि वैद्यशाला के राज्य समन्वयक यानी मृणाल धूलिया को एक पत्र लिखा था। इसमें गैर शैक्षणिक पदों पर लोगों की भर्ती करने संबंधी आदेश मिश्रा ने दिया था। इसके बाद से ही उसकी चांदी शुरू हो गई।
पीड़ितों के शुरू हुए बयान
जो लोग मृणाल धूलिया ने शिकार बनाए हैं उनके बयान शुरू हो गए हैं। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी राजेश साह ने बताया कि सोमवार को कुछ युवाओं को बुलाया गया था। सभी पीड़ित युवाओं के बयान होने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।