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बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर छह दिन से फंसे एक ट्रेकर की मौत, 8 को किया रेस्क्यू

Fri, 29 Sep 2017 08:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 29 Sep 2017 08:04 PM IST
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mountaineer death on Badrinath Madhmeshwar Tracking Route

बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर 6 दिन से फंसे नौ ट्रैकरों में पंश्चिम बंगाल के एक ट्रैकर की मौत हो गई है, जबकि आठ ट्रैकरों और पोर्टरों कोे एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मद्महेश्वर ले आई है। टीम ने ट्रैकर के शव को फिलहाल पनपतियां में छोड़ा है, जिसे शनिवार को जोशीमठ लाया जाएगा।

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शुक्रवार को पैदल मार्ग से रेस्क्यू के लिए रवाना हुए एसडीआरएफ के दल को 8 ट्रैकर और पोर्टर पनपतिया से कुछ पहले ग्लेशियर क्षेत्र में नीचे की तरफ आते मिले। पूछताछ में पता चला कि ये वही ट्रैकर हैं जो पनपतिनया में फंसे हुए थे। इसके बाद दस सदस्यीय रेस्क्यू दल इन्हें दोपहर बाद सकुशल मद्महेश्वर ले आया।
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यहां पर पहले से मौजूद चिकित्सकीय दल ने ट्रैकरों/पोर्टरों की जांच कर जरूरी उपचार किया गया। ये लोग काफी थके हुए थे। करीब छह दिन तक बर्फीले क्षेत्र में रहने के कारण उनके पैरों में सूजन आ गई है, जिससे चलते उन्हें चलने में दिक्कत हो रही है। ट्रैकरों ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी सुप्रीम बर्मन की 27 सितंबर को तबीयत खराब होने से पनपतिया में ही मौत हो गई थी। अभी उसके शव को वहीं छोड़ दिया गया है।
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 रेस्क्यू टीम से ट्रैकरों की बातचीत के  आधार पर एसपी ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के चलते ट्रैकर रास्ता भटक गए थे। पनपतिया में मीलों तक फैली बर्फ होने और ग्लेशियर क्षेत्र होने के कारण उन्हें मजबूरी में वहीं टैंट लगाना पड़ा। बृहस्पतिवार को ये सभी आठ लोग बर्मन के शव को वहीं छोड़कर रास्ता ढूंढने लगे थे, जिन्हें रेस्क्यू दल ने शुक्रवार को सकुशल मद्महेश्वर पहुंचा दिया। यहां पहले से दल के पांच लोग मौजूद थे।
 

दो पोर्टर जोशीमठ के सेना अस्पताल में भर्ती

mountaineer death on Badrinath Madhmeshwar Tracking Route

इधर, जिलाधिकारी ने बताया कि सभी टै्करों और पोर्टरों को शनिवार को सेना के हेलीकॉप्टर से जोशीमठ या गुप्तकाशी लाया जाएगा। यहां इन लोगों को जरूरी स्वास्थ्य लाभ देने के साथ पूछताछ भी की जाएगी तथा ट्रेकिंग की अनुमति सहित पंजीकरण के बारे में जानकारी मांगी जाएगी।
 
ऐसे पता चला फंसे होने का
26 सितंबर की शाम को दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम से देहरादून पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि एक सप्ताह पूर्व ओएनजीसी, सीपीडब्ल्यूडी और इंडियन ऑयल का 14 सदस्यीय दल बदरीनाथ से मद्महेश्वर के लिए ट्रेकिंग पर निकला था। पांच लोग तो जैसे-तैसे मद्महेश्वर पहुंच गए थे, लेकिन नौ लोग पनपतिया में फंसें हैं। सूचना के आधार पर 27 सितंबर को रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस ने दो रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी। वहीं, जोशीमठ से सेना के हेलीकॉप्टर की मदद भी ली गई, लेकिन दो दिन तक ट्रैकरों का कोई सुराग नहीं लगा।

दो पोर्टर जोशीमठ के सेना अस्पताल में भर्ती
बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर करीब छह दिन से फंसे दो पोर्टरों को घायल अवस्था में जोशीमठ में सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उपचार के बाद घायल पोर्टर बलवीर सिंह पुत्र भागचंद्र निवासी बगोली पौड़ी और मनवीर सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी अगरोड़ा पौड़ी की स्थिति में सुधार बताया है

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