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Motor Vehicle Act 2019: सावधान, नए नियमों के तहत उत्तराखंड में कल से होगी कार्रवाई

Thu, 12 Sep 2019 12:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 12 Sep 2019 12:16 PM IST
सार

- अभी वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण व इंश्योरेंस की नहीं की जाएगी जांच  
- मोबाइल फोन पर बात करने, सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
- नाबालिग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पकड़े गए तो देना पड़ेगा 25000 रुपये का जुर्माना

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Motor Vehicle Act 2019: challans will cut under new rules in Uttarakhand from 13th september
ट्राफिक पुलिस(सांकेतिक) - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किए जाने के साथ ही परिवहन विभाग ने नए सिरे से अभियान चलाने का निर्णय लिया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार से विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा। 

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एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे के मुताबिक विशेष जांच अभियान के दौरान ट्रिपल राइडिंग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने, ओवर स्पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एआरटीओ पांडे के मुताबिक विशेष जांच अभियान के दौरान गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण व इंश्योरेंस से संबंधित कागजातों की जांच नहीं की जाएगी। ऐसे में वे वाहन स्वामी जिनके पास फिलहाल ये कागजात नहीं हैं उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। 
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एआरटीओ के मुताबिक विशेष जांच अभियान के दौरान नाबालिग चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजधानी के सड़कों पर वाहन चलाने वाले 16 साल से कम के नाबालिगों की गाड़ियां जब्त करने के साथ ही 25000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे सभी मामले अदालत भेजे जाएंगे।

एआरटीओ के मुताबिक जिन वाहन स्वामियोें के पास प्रदूषण, इंश्योरेंस के कागजात नहीं है वे 30 सितंबर से पहले बनवा लें। यदि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है जो उनका नवीनीकरण कराने के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें। यदि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि पूरी हो चुकी है तो उसका भी नवीनीकरण करवा लें।

चालान के बाद कागज दिखाने पर प्रति दस्तावेज 100 रुपये जुर्माना 

ड्राइविंग करते समय हुए चालान के बाद लाइसेंस, आरसी, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र दिखाने की स्थिति में 100 रुपये प्रति दस्तावेज का जुर्माना देना होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक किसी तरह की धनराशि नहीं वसूलेगी। नए मोटर व्हीकल एक्ट में ड्राइविंग करते समय मौके पर कागजात न दिखाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस ने बाइक के दस्तावेज न होने पर एक छात्र के चालान प्रपत्र में 20 हजार रुपये जुर्माना लिख दिया। इस देखकर घबराए छात्र ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी को फोन कर अपना दुखड़ा सुनाया। कप्तान ने 20 हजार रुपये का चालान की बात सुनकर छात्र को आफिस बुलाया।

चालान प्रपत्र में 15 दिन में कागजात न दिखाने पर 20 हजार के जुर्माने का उल्लेख किया हुआ था। इसी बीच सीओ यातायात राकेश देवली भी पहुंच गए। सीओ ने बताया कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में कई नए प्रावधान किए गए हैं।

उन्हाेंने बताया कि चालान काटने वाले अधिकारी वाहन के संबंधित कागजात न होने की स्थिति में चालान प्रपत्र में जुर्माने की रकम भर देता था, जिसमें 15 दिन में कागजात न दिखाने पर जुर्माने की राशि जमा कराने का प्रावधान है।

यदि संबंधित चालक इस अवधि में अपने कागजात प्रस्तुत कर देता है तो उससे प्रति दस्तावेज 100 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इस जुर्माने के अलावा वाहन चालक से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीओ ने बताया कि यदि मौके पर कागजात न होने की स्थिति में वाहन सीज हो जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। ट्रैफिक ऑफिस में कागजात दिखाकर वाहन छुड़ाया जा सकता है।

शाम पांच बजे से होगी चौपहिया वाहनों की प्रदूषण की जांच

प्रदूषण जांच केंद्र पर चौपहिया वाहनों की प्रदूषण की जांच अब शाम पांच बजे से होगी। जबकि सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक दो पहिया वाहनों की जांच की जाएगी।

नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने केे बाद प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लग रही कतारों की वजह से यह निर्णय लिया है। व्यवस्थाएं बनाने के लिए केंद्रों पर पुलिस भी तैनात रहेगी। प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दून में 17 केंद्र स्थापित हैं। इन पर सुबह पांच बजे से कतारें लग रही हैं।

एक केंद्र पर दिनभर में तीन सौ प्रमाणपत्र बन रहे हैं। बावजूद भीड़ कम नहीं हो रही है। उधर कई लोगों ने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार वाहन से निकलने वाले धुएं की जांच के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। लेकिन, केंद्र बिना धुुएं की जांच के पैसे लेकर लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।

प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बिंदाल पुल स्थित प्रदूषण जांच केंद्र पर सुबह पांच बजे से कतारें लग गई थी। जैसे ही सुबह दस बजे कर्मियों ने गेट खोला लोग अंदर घुस गई। लेकिन सर्वर ठप होने से सबको एक घंटे तक धूप में इंतजार करना पड़ा। 

दो बार चालान, नहीं बना प्रमाणपत्र

प्रदूषण जांच केंद्र पर प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे मो. अजहर ने बताया वह तीन दिन से सर्टिफिकेट के लिए भटक रहा है। उसके लोडर का दो बार चालान हो चुका है। बावजूद प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है।

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