इस फैसले के बाद पूर्व सैनिकों के लिए बढ़ गईं नौकरियां
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उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) में अब सिर्फ पूर्व सैनिकों की ही तैनाती होगी। रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टरेट जनरल रिसेटलमेंट (डीजीआर) ने रिटायरमेंट के बाद सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया है।
डीजीआर ने उपनल सहित उसके समकक्ष राज्यों की अन्य एजेंसियों को यह दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। उत्तराखंड के सरकारी और अर्द्धसरकारी महकमे इस नियम के तहत नहीं आएंगे।
इससे पहले पीएसयू में 10 प्रतिशत रिक्त पदों पर गैर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति का प्रावधान था, जिसे रक्षा मंत्रालय ने समाप्त कर दिया है। उपनल के माध्यम से लगभग बीस हजार लोग सेंट्रल पीएसयू, सरकारी विभागों और अन्य संस्थाओं में सेवाएं दे रहे हैं।
उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर अजय बहुगुणा (रि) ने बताया कि डीजीआर ने केंद्रीय पीएसयू में सिक्योरिटी के पदों पर पूर्व सैनिकों की तैनाती के लिए प्रावधान बदल दिए हैं। अब सेंट्रल पीएसयू में आउटसोर्सिंग पर सिक्योरिटी सेवाओं में केवल पूर्व सैनिकों को ही रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए लागू प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं होगा।
पहले से तैनात गैर पूर्वसैनिक हटाए जाएंगे
पीएसयू में सिक्योरिटी सेवाओं पर तैनाती डीजीआर के माध्यम से पंजीकृत संस्थाएं करती हैं। उपनल के माध्यम से अभी तक केंद्रीय पीएसयू में तीन हजार पूर्वसैनिकों व अन्य की तैनाती है। अब नए प्रावधानों के तहत गैर पूर्वसैनिकों की तैनाती निरस्त की जा रही है, जिसके बदले पूर्वसैनिकों को तैनात किया जाएगा।
आउटसोर्सिंग नहीं होगी प्रभावित
उपनल के माध्यम से उत्तराखंड के सरकारी और अर्द्धसरकारी महकमों में होने वाली तैनाती डीजीआर के मानकों में नहीं आती है। ऐसे में पूर्व सैनिकों की अनिवार्य भर्ती का प्रावधान लागू नहीं होगा। सरकारी विभागों और संस्थाओं में राज्य सरकार के तय प्रावधानों के तहत ही नियुक्तियां जारी रहेंगी। हालांकि पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए सर्वाधिक प्राथमिकता है।