फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   money back of sugarcane farmer.

बेबस सरकार से ‘बेदम’ होंगे गन्ना किसान

Tue, 25 Nov 2014 11:49 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 25 Nov 2014 11:49 AM IST
विज्ञापन
money back of sugarcane farmer.

उत्तराखंड के गन्ना किसानों को आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। निजी चीनी मिलों के 127 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान के लिए प्रदेश सरकार कोई फार्मूला नहीं तलाश पाई है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने विपक्ष से भी किया आग्रह
हालांकि मुख्यमंत्री इसके लिए रास्ता निकालने का आश्वासन दे रहे हैं। सोमवार को सदन में यह मुद्दा उठा तो मुख्यमंत्री हरीश रावत को कहना पड़ा कि इतनी बड़ी राशि अगर सरकार अपने संसाधनों से देगी तो बजट बिगड़ने का खतरा है। इस पर वित्त विभाग भी सहमत नहीं है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने लगे हाथों विपक्ष से भी आग्रह किया कि केंद्र से 400 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज स्वीकृत कराने में प्रदेश सरकार की मदद करें। सदन में गन्ना बकाया भुगतान का मसला हरिद्वार विधायक मदन कौशिक ने उठाया। कौशिक ने कहा कि प्रदेश की चार निजी मिलों ने किसानों को बकाया गन्ना मूल्य नहीं दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गन्ना मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की मौजूदगी के बावजूद जवाब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिया। नेता सदन ने कहा कि केंद्र से 400 करोड़ रुपए की विशेष सहायता की मांग की गई है। प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा गन्ना किसान हैं। छह सार्वजनिक और सरकारी चीनी मिलों के बकाए भुगतान की व्यवस्था सरकार ने की है।

इसमें 47 करोड़ रुपए बकाया है जिसका इंतजाम किया जा रहा है। निजी चीनी मिलों के बकाये भुगतान के लिए सरकार हर तरह की सख्ती करेगी पर केंद्र से 400 करोड़ रुपये मिले तो बकाया भुगतान भी होगा और चीनी मिलों का आधुनिकीकरण भी किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बकाया भुगतान की समस्या इतने से नहीं सुलझेगी। चीनी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से कम हो रहा है। वहीं निजी चीनी मिलों और गन्ना किसानों के बीच करार होता है। सरकार इसमें पार्टी नहीं है। लिहाजा बकाया भुगतान कराना भी आसान नहीं है। सरकार इस मामले में कोई न कोई फार्मूला जल्द निकालने की कोशिश कर रही है।

जल्द घोषित होगा गन्ना मूल्य
उत्तर प्रदेश की ओर से गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद भी प्रदेश में अभी तक गन्ना मूल्य तय नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार जल्द ही गन्ना मूल्य और निजी मिलों के पेराई सत्र की घोषणा करेगी।


काशीपुर का मामला उलझा
काशीपुर चीनी मिल बंद होने के दो साल बाद भी गन्ना किसानों का करीब 40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हो पाया है। काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सदन में सवाल उठाया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए लिक्वीडेटर नियुक्त किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed