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राजनीतिक लाभ लेने को जनता के हक पर मारी कुंडली

Sun, 22 Nov 2015 12:20 PM IST
अरविंद सिंह / अमर उजाला, देहरादून
अरविंद सिंह / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 22 Nov 2015 12:20 PM IST
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MLA fund expense in uttarakhand.

उत्तराखंड सरकार की ओर से विकास मद में जारी जनता के पैसे पर जनप्रतिनिधि खुद ही कुंडली मारकर बैठ गए हैं।

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विधायक निधि के खर्च का ताजा उदाहरण सामने है। ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2014-15 में जारी 194.89 करोड़ के बजट में से महज 91.70 करोड़ का सदुपयोग हुआ। कमोबेश यही स्थिति चालू वित्तीय वर्ष में भी बनी हुई है।

सरकार की ओर से 142 करोड़ का बजट भी आवंटित कर दिया, लेकिन अभी तक महज 18.93 करोड़ का बजट ही खर्च किया गया है। सवाल उठता है कि क्या माननीयों ने यह कंजूसी वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर की है। इसकी पुष्टि विधायक भी करते हैं।
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नाम न छापने की शर्त पर कुछ विधायकों का कहना है कि अब जबकि वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होना है तो पिछले चार वित्तीय वर्ष का बजट भी एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा। कारण यही कि उस समय कराए गए विकास कार्यों का आमजन पर सीधा असर पड़ेगा।
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दर्जन भर मंत्रियों, विधायकों ने खर्च नहीं की फूटी कौड़ी
विधायक निधि खर्च करने में जिन मंत्रियों ने कंजूसी दिखाई है उनमें गृहमंत्री व चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी शामिल हैं।

विधायकों में महावीर सिंह, विक्रम सिंह, प्रेमचंद, हीरा सिंह, ममता राकेश, मदन कौशिक, यतीश्वरानंद, सुंदरलाल, मनोज तिवारी, सरिता, हरभजन सिंह, हेमेश खर्कवाल ऐसे विधायक हैं जिन्होंने साल भर में विधायक निधि का एक रुपया भी खर्च नहीं किया है।

वहीं, वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायकगण विजयपाल सिंह, राजकुमार, मदन कौशिक, सरवत करीम अंसारी, फुरकान अहमद, अनसूया, ललित, गोविंद सिंह, पुष्कर सिंह ने दो करोड़ की विधायक निधि में से 50 लाख भी खर्च नहीं किया है।

मंत्रियों में पंवार, विधायकों में संजय अव्वल
मंत्रियों में शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार और विधायकों में संजय गुप्ता ने सबसे अधिक पैसा खर्च किया है। कृषि मंत्री हरक सिंह रावत, श्रम मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल और राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने विकास कार्यों के लिए दिल खोलकर विधायक निधि का इस्तेमाल किया है।

वहीं विधायकों में मालचंद्र, सुबोध उनियाल, हरवंश कपूर, गणेश जोशी, उमेश शर्मा, सहदेव सिंह, आरबी गार्डनर, चंद्रशेखर, प्रदीप बत्रा, विजया, गणेश गोदियाल, दिलीप सिंह, शैलारानी, राजेंद्र सिंह, चंदन रामदास, अजय भट्ट, मदन सिंह, सुरेंद्र सिंह, दान सिंह, वंशीधर भगत, अमृता, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, शैलेंद्र मोहन, अरविंद पांडे, राजकुमार, प्रेम सिंह, विशन सिंह चुफाल आदि ने विधायक निधि का काफी हिस्सा खर्च कर दिया है।

चालू वित्तीय वर्ष की विधायक निधि से जुड़े कुछ प्रस्ताव सीडीओ को मुहैया कराए गए हैं। बजट आवंटन में कहां गड़बड़ी हुई है, इसका पता लगाया जाएगा। विधायक निधि से क्षेत्र में विकास कार्य प्राथमिकता से कराएं जाएंगे।

- मंत्री प्रसाद नैथानी, शिक्षा मंत्री

विधायक निधि से जुड़े तमाम निर्माण कार्यों के प्रस्तावों की संस्तुति की गई है। अलबत्ता कुछ बजट बचा हुआ है जिसे चालू वित्तीय वर्ष में इस्तेमाल किया जाएगा। विधायक निधि का पूरा उपयोग होगा।
- राजकुमार, विधायक राजपुर

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