{"_id":"57929b7f4f1c1ba07cc4bb1f","slug":"minority-and-obc-scholarship-bill-passed-in-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेष सत्र में अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्तियों पर लगी मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशेष सत्र में अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्तियों पर लगी मुहर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 23 Jul 2016 03:47 AM IST
विज्ञापन
छात्रवृत्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं के लिए कैबिनेट ने योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। इसमें खासतौर से पिछड़ा वर्ग को बहुत तवज्जो दी गई है। शुक्रवार को कैबिनेट ने प्रतिभावान किसानों के लिए भी राजा विजय बहादुर सिंह योजना शुरू की। इसके लिए दो करोड़ रुपये का कोष भी स्वीकृत कर दिया गया। अब इन योजनाओं के लिए प्रावधान और नियमावली शासन बनाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार 18 मार्च के बजट में दी गईं जिन योजनाओं पर मोहर नहीं लगा पाई थी, उन पर शुक्रवार को मोहर लगा दी गई। इनमें मुस्लिम छात्राओं को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री विशेष मुस्लिम छात्रवृत्ति योजना को हरी झंडी दे दी गई है। इसके लिए एक करोड़ रुपये कॉर्पस फंड की भी व्यवस्था कर दी गई। इस योजना से मुस्लिम छात्राओं को व्यावसायिक कोर्स करने में आसानी होगी।
विज्ञापन
घुमंतू समुदाय के बच्चों को मिलेगी शिक्षा
इसके अलावा प्रदेश की घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू समुदाय के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत इस संबंध में पहले ही घोषणा कर चुके थे। घुमंतू समुदाय के बच्चों की इस योजना के लिए एक करोड़ रुपये से कोष का गठन किया गया है। इसके साथ ही पूर्व घोषित अहिल्या बाई होल्कर छात्रवृत्ति योजना पर भी मोहर लग गई है। एक करोड़ धनराशि से अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या के लिए छात्रवृत्ति कोष का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन
दो करोड़ रुपये कोष के गठन के साथ अति पिछड़ा वर्ग छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना और उत्तराखंड में निवास कर रहे कंबोज समुदाय के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए 50 लाख रूपये से कोष का गठन किया गया है। इस समुदाय के छात्र-छात्राओं को प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा में प्रोत्साहन के लिए पूर्व से एक करोड़ रुपये का कोष गठित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले अति प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु भी सहायता कोष का गठन किया गया है।