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नाबालिग संवासिनी ने की खुदकुशी की कोशिश
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 31 Jul 2016 09:39 AM IST
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suicide
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देहरादून के सहेली ट्रस्ट के बालिका गृह में रह रही 13 साल की किशोरी ने संदिग्ध स्थिति में फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
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कुशल यह रही कि बालिका गृह में रह रही अन्य किशोरियों ने एन मौके पर उसे देख लिया और जैसे-तैसे उसे बचा लिया। इस संबंध में पुलिस को तो नहीं, मगर चाइल्ड हेल्पलाइन, सीडब्ल्यूसी को जानकारी देने की बात संस्था के पदाधिकारियों ने कही है। संस्था के ट्रस्टी डॉ. नितिन कुमार पांडेय का कहना है कि बच्ची डिप्रेशन की मरीज है। अब वह सामान्य स्थिति में है।
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यह संवासिनी केदारनाथ आपदा की पीड़ित है। खुदकुशी के प्रयास की घटना गत बृहस्पतिवार की है। ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक किशोरी के माता-पिता, बड़े भाई की मौत हो चुकी है। दो भाई, एक बहन और खुद, कुल चार लोग इसी सेल्टर होम में रह रहे हैं। किशोरी कक्षा नौ में पढ़ रही है। उसे तीन साल पहले ऋषिकेश से यहां भेजा गया था।
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जानकारी के मुताबिक बालिका गृह की अन्य बच्चियों ने उसे फांसी लगाने का प्रयास करते देख हल्ला मचा दिया, तब तक और भी लोग आ गए। उसे जब नीचे उतारा गया तो वह बेहोश हो चुकी थी। हालांकि, थोड़ी ही देर में उसे होश आ गया। बाद में ट्रस्टी डॉ. पांडेय उसे अपने साथ घर ले गए। बच्ची को कहीं और अस्पताल में नहीं दिखाया गया।
किशोरी ने जान देने की कोशिश किन परिस्थितियों में की, यह स्पष्ट नहीं हुआ। अमर उजाला संवाददाता के बार-बार पूछने पर कि खुदकुशी की कोशिश क्यों की, उसने कहा कि उसे कुछ याद नहीं है। यह पूछने पर कि सेल्टर होम में उसके साथ कभी कोई ज्यादती हुई तो उसने इससे भी इंकार किया।
ट्रस्टी डा. पांडेय का कहना है कि बच्ची को तीन साल पहले जिला बाल कल्याण समिति ने बालिका गृह में भेजा था। वह डिप्रेशन की मरीज है। उसका इलाज चल रहा है। पता नहीं किस आवेग में उसने ऐसी हरकत की, लेकिन अब बिल्कुल सामान्य है। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में चाइल्ड हेल्प लाइन और जिला बाल कल्याण समिति को सूचना दे दी गई थी, लेकिन बच्ची को बालिका सदन भेजने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस संबंध में उन्होंने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों से भी बात कर ली है।