हरिद्वार में भीख मांगती मिली 12 साल की लापता बच्ची, आपबीती सुनाते ही रो पड़ी
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ऑपरेशन स्माइल के दौरान पुलिस को संभल की लापता 12 साल की किशोरी हरिद्वार में भीख मांगते हुए मिली। इस दौरान आपबीती सुनाते हुए वह रोने लगी।
कलियर थाना पुलिस ने कलियर दरगाह क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान भीख मांग रही किशोरी को पकड़कर उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। पूछताछ में उसने बताया कि उसे संभल स्थित घर से एक बुढ़िया लेकर आई थी। प्रतिदिन वह उससे 200 रुपये लेती थी, लेकिन एक सप्ताह पहले वह कहीं चली गई हैं।
दरगाह क्षेत्र में शनिवार को थाना प्रभारी देवराज शर्मा और ऑपरेशन स्माइल की रीना रावत, कांस्टेबल रविंद्र राणा, अजित तोमर आदि ने चेकिंग अभियान चलाया था। इसी दौरान उन्हें एक 12 वर्षीय किशोरी घूमते मिली।
पुलिसकर्मी किशोरी को थाने लेकर आई। यहां पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम नसीमजहाँ पुत्री रियाजुद्दीन निवासी चंदौसी, जिला संभल बताया। करीब डेढ़ माह से वह कलियर में भीख मांग रही है।
200 रुपये रोजाना लेती थी
किशोरी ने बताया कि चंदौसी की रहने वाली एक बुढ़िया अम्मा घूमने के बहाने उसे घर से लेकर आई थी। बुढ़िया ने पहले चंदौसी रेलवे स्टेशन पर 15 दिन तक उससे भीख मंगवाई, उसके बाद वह उसे कलियर लेकर चली आई।
कलियर में भीख मंगवाकर वह उससे 200 रुपये रोजाना लेती थी। इसके अलावा अम्मा को वह रोजाना लंगर से खाना लाकर देती थी, उसी खाने से वह भी खाती थी। बताया कि बुढ़िया अम्मा एक सप्ताह पहले उसे कलियर में छोड़कर कहीं चली गई हैं।
पुलिस ने किशोरी के परिजनों को थाने बुलाकर उनके सपुर्द कर दिया है। किशोरी के पिता रियाजुद्दीन ने बताया कि बेटी ढाई माह से गायब थी। इसकी चंदौसी के बनियाठेर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज है।