उत्तराखंड: भड़के मंत्री, 'नहीं चाहिए ऐसा विभाग जहां कागजों पर होते हैं काम'
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कभी राज्यसभा के टिकट तो कभी मनचाहे अफसरों की तैनाती के नाम पर नाराज होने वाले कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै शुक्रवार को फिर बिफरे नजर आए। ताजा नाराजगी की वजह टिहरी में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना में हो रही देरी है। शुक्रवार को धनै ने बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने यहां तक कह डाला कि उन्हें ऐसा विभाग नहीं चाहिए जहां कागजों पर काम होता है।
समर्थन के बदले अक्सर सरकार पर दबाव बनाकर अपनी मांगें पूरी करवाने में चर्चित रहे दिनेश धनै पूर्व में तमाम बार अपने इस अंदाज के लिए सुर्खियों में रहे हैं। शुक्रवार को वे बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री से मिले।
सूत्रों के मुताबिक, वे टिहरी में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना में देरी को लेकर भड़के हुए थे। गौरतलब है कि कॉलेज का पूरा स्ट्रक्चर खड़ा है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता न होने के चलते कॉलेज शुरू नहीं हो पा रहा है।
बोले धनै, सीएम वापस ले लें चिकित्सा शिक्षा का प्रभार
हालांकि कॉलेज के लिए आवश्यक उपकरण व अन्य जरूरत के सामान के खरीद की फाइल वित्त विभाग को जा चुकी है। धनै ने मुख्यमंत्री से दो टूक कहा कि अफसर जानबूझकर इन कार्यों को लटकाए हुए हैं।
वे अपने चहेते ठेकेदारों से ही सारा काम करवाना चाहते हैं। धनै ने यहां तक कह दिया कि उनसे चिकित्सा शिक्षा का प्रभार ले लिया जाए। बाद में मुख्यमंत्री ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव की जमकर क्लास ली। यह भी कहा कि अगले सप्ताह तक सारे इंतजाम कर लिए जाएं।
धनै की नाराजगी पूरी तरह जायज: सीएम
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री
इस संबंध में जब दिनेश धनै से पक्ष लेने की कोशिश की गई तो बार-बार संपर्क करने के बावजूद उनसे बात नहीं हो पाई। जब भी उनसे बात होगी उनका पक्ष हूबहू प्रकाशित किया जाएगा।