जेईई एडवांस के लिए करनी होगी और मेहनत, क्या होगा जरूरी पढ़ें
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जेईई मेंस पास करने के बाद अब एडवांस परीक्षा में छात्रों के सामने अंकों की बाध्यता भी एक चुनौती है। जेईई मेंस से इतर अब छात्र को न केवल विषयवार अंक लाने होंगे बल्कि कुल कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाने भी अनिवार्य होंगे।
इससे कम अंक आने पर आईआईटी की कॉमन मेरिट लिस्ट में ही शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। शुक्रवार से जेईई एडवांस की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई।
प्रत्येक विषय में पांच प्रतिशत अंक जरूरी
जेईई एडवांस में सामान्य अभ्यर्थी को प्रत्येक विषय में कम से कम दस प्रतिशत अंक लाने होंगे और कुल योग 35 प्रतिशत अनिवार्य हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम नौ प्रतिशत और कुल योग 31.5 प्रतिशत जरूरी है। एससी व एसटी अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय में पांच प्रतिशत व कुल योग 17.5 प्रतिशत लाना अनिवार्य है।
तीनों श्रेणियों के विकलांग अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय में पांच प्रतिशत और कुल 17.5 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इस योग के आधार पर आईआईटी की ओर से कॉमन मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। मेरिट में आने वाले छात्रों को ही आईआईटी में दाखिले के लिए मौका मिलेगा। जिन अभ्यर्थियों ने जेईई मेंस से शीर्ष 2.20 लाख अभ्यर्थियों में जगह बना ली है, वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि जेईई एडवांस में दो पेपर होंगे। दोनों ही अहम हैं। पेपर 1 और पेपर 2 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के सवाल पूछे जाएंगे। दोनों पेपर के फिजिक्स के अंक मिलाकर एक माने जाएंगे। चूंकि सीटों की संख्या कम है, लिहाजा मुकाबला जरा मुश्किल है लेकिन असंभव नहीं।