Holi 2023: होली से पहले देहरादून में ‘मिनी कोरोना’ की दस्तक, रोज आ रहे 200 मरीज, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक यह वायरस हर जगह फैल रहा है। दून में पिछले 15 से 20 दिन में इस वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
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कोरोना के दौरान लोगों को खांसी, जुकाम, बदन दर्द और सांस की समस्या हो रही थी, इन दिनों ऐसी ही समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इसे कुछ लोग मिनी कोरोना भी कह रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यह कोरोना नहीं है, क्योंकि यह खतरनाक नहीं है। यह इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
दून में पिछले 15 से 20 दिन में इस वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक यह वायरस हर जगह फैल रहा है। इसका नाम इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 है। यदि घर के एक सदस्य को इसने चपेट में लिया है तो अन्य लोगों को भी यह वायरस प्रभावित कर सकता है। हालांकि, एहतिआत बरतते हुए मरीज घर पर होम आइसोलेट हो रहे हैं। किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
कमजोर इम्युनिटी वालों को चपेट में ले रहा वायरस
दून अस्पताल के मेडिसिन विभाग के हेड और फिजीशियन डॉ. नारायणी जीत ने बताया कि इन दिनों खांसी, तेज बुखार और सांस लेने में समस्या के मरीज बढ़ गए हैं। 10-15 दिन पहले स्थिति सामान्य थी। मरीजों को कोरोना की तरह सर्दी की समस्या और सीने में संक्रमण अधिक नहीं हो रहा है। यह वायरस उन लोगों को चपेट में ज्यादा ले रहा है, जिनकी इम्युनिटी कमजोर है। अधिक उम्र, डायबिटीज या ब्लडप्रेशर की समस्या पर यह वायरस फेफड़ों को भी प्रभावित करता है।
गर्म कपड़े पहनने की सलाह
डॉ. नारायणी ने बताया कि आजकल मौसम बदल रहा है। सुबह के समय और रात में सर्दी होती है। ऐसे में गर्म कपड़े न पहनने से भी लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है। इन दिनों मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब 400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत मरीज इन्फ्लूएंजा वायरस से पीड़ित आ रहे हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना पाल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को भी खांसी और बुखार की समस्या देखने को मिल रही है।
तीन से पांच दिन में ठीक हो रहे मरीज
संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मुकेश सुंदरियाल ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एक सीजनल वायरस है। हर साल इस वायरस का थोड़ा रूप बदल जाता है। इन दिनों आम, लीची के बौर का मौसम है। इस दौरान एलर्जी की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसीलिए भी लोगों को समस्या बढ़ गई है। हालांकि, सभी मरीज तीन से पांच दिन में ठीक हो रहे हैं।
ये हैं लक्षण
- खांसी
- बदन दर्द
- गले में दर्द
- खराश
इन बातों का रखें ध्यान
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाएं न लें
- गर्म पानी से गरारे करें और भाप लें
- बाहर की चीजें न खाएं
- तला, भुना खाना भी कम खाएं
- जूस और पानी खूब पिएं