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'सौ रुपए' में दिया करोड़ों का ठेका
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Sep 2013 08:22 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी शहरी निकाय कुल राशि का दो प्रतिशत स्टांप वसूलने के बजाय मात्र सौ रुपए के स्टांप पर करोड़ों के ठेके दे रहे हैं। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मामला खुलने पर तत्काल राशि का दो प्रतिशत स्टांप शुल्क लेने का आदेश जारी कर दिया गया है।
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आरटीआई मिशन की ओर से मांगी गई सूचना में यह बात सामने आई की शहरी निकाय ठेकों के मामले में खुद ही अपना नुकसान कर रहा है। शहरी विकास निदेशालय से कई बिंदुओं पर मांगी गई सूचना जब मिशन को नहीं मिली तो उसने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त अनिल शर्मा ने पाया कि निबंधक विभाग की ओर से 2012 जुलाई माह में ही आदेश जारी कर दिया गया था। इसमें सौ रुपए के स्टांप के बजाय कुल राशि के दो प्रतिशत का स्टांप शुल्क वसूलने के निर्देश दिए गए थे। इस पर शहरी विकास निदेशालय ने अपना पक्ष रखा कि यह पत्र उन्हें मिला ही नहीं।
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बहरहाल, मिशन की आरटीआई के बाद निदेशालय की ओर से सभी निकायों को दो फीसदी शुल्क वसूली का आदेश भेज दिया गया है।
मिशन का कहना है कि नैनीताल में शहरी निकाय ने वाहन पार्किंग का एक करोड़ और टोल बैरियर का दो करोड़ का ठेका 100 रुपए केस्टांप पेपर पर ही दे दिया। आयुक्त ने इस मामले को मुख्य सचिव के संज्ञान में लाने का भी निर्देश दिया है।
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