अंतरिक्ष से धरती की ओर गिरता दिखा उल्का पिंड, देखने को घरों से बाहर निकले लोग
- लोगों को उल्काओं की बौछार से भ्रमित नहीं होना चाहिए: राकेश बिष्ट
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उत्तराखंड में सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में आकाश से तेजी से धरती की ओर आता उल्का पिंड दिखाई दिया। जिसने भी इसे देखा उसके लिए यह कौतूहल बना रहा। उल्का पिंड धरती में किस स्थान पर गिरा इसकी अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
यह घटना रविवार रात की है। रात करीब साढ़े आठ बजे अल्मोड़ा में आकाश से धरती की ओर तेज रोशनी आती दिखी और कुछ ही सेकेंड में यह नजारा खत्म हो गया। अल्मोड़ा के अलावा हल्द्वानी, जोशीमठ, बदरीनाथ आदि स्थानों पर भी उल्का पिंड देखा गया।
अल्मोड़ा में उल्का पिंड काफी तेज गति से धरती की ओर आ रहा था। कुछ लोग अपने-अपने घरों में उल्का पिंड के धरती से न टकराने की प्रार्थनाएं भी करने लगे।कुछ लोगों ने रात्रि में ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की पोस्ट शेयर की।
उच्च वेग से पृथ्वी के वायु मंडल में प्रवेश करता है उल्का पिंड
खगोलशास्त्र के जानकारों के मुताबिक आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें ही उल्का पिंड कहते है। अल्मोड़ा स्थित अंतरिक्ष एस्ट्रोनामी क्लब के राकेश बिष्ट ने बताया कि जब उल्का पिंड उच्च वेग से पृथ्वी के वायु मंडल में प्रवेश करता है तो यह चमकदार घटना होती है। जिसे हम उल्का या शूटिंग तारा कहते हैं।
इन उल्काओं को उल्का बौछार से भ्रमित नहीं होना चाहिए। एक बहुत ही चमकीले उल्का को एक आग का गोला कहा जाता है। इसे स्मोक ट्रेन और डेटोनेशन (जो अक्सर उल्कापिंड पैदा करता है) के साथ जोड़ा जाता है तो इसे एक बोल्ट कहा जा सकता है। उल्कापिंड सामान्य तौर पर धूमकेतु या क्षुद्रग्रह का टुकडा है जो पृथ्वी के वायुमंडल में गिरता है।