जनसुनवाई से मंत्री ने मिलवाया फोन, डायरेक्टर ने दिया ऐसा जवाब सुनकर हर कोई रह गया सन्न
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मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक शिकायत पर श्रम मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने जब एक दवा फैक्ट्री के डायरेक्टर को स्पीकर ऑन कर फोन मिलवाया। जब मंत्री ने डॉक्यरेक्टर से बात की तो उसने ऐसा जवाब दिया जिसे सुनकर हर कोई हक्का बक्का रह गया।
डॉकरेक्टर ने मंत्री से बदतमीजी कर दी। डायरेक्टर ने मंत्री से कहा-पूछने वाले तुम कौन हो। जवाब से तमतमाए मंत्री ने फैक्ट्री के संबंध में अनियमिताओं का संज्ञान लेकर तुरंत जांच बैठा दी। श्रम विभाग और प्रशासन के अफसरों को मंत्री ने तुरंत फोन पर निर्देश दिए कि सेलाकुई की फैक्ट्री की जांच की जाए। जांच में गड़बड़ मिलती है, तो उसे तुरंत सील कर दो।
बीजेपी मुख्यालय में जन शिकायतों की सुनवाई के लिए मंगलवार को श्रम व वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत मौजूद थे। सेलाकुई की दवा फैक्ट्री सेरॉन बाई मेडिसिन से हटाए गए सीनियर मैनेजर वासुदेव जखमोला भी अपनी शिकायत लेकर मंत्री के पास पहुंचे। मंत्री ने अपने स्टॉफ से फैक्ट्री के डायरेक्टर ललित मिश्रा को फोन लगवाया, तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
दोबारा भी फोन काट दिया गया। तीसरी बार फोन लगाने पर मंत्री की डायरेक्टर से बात हुई, तो वह बदतमीजी पर उतारू हो गया। डायरेक्टर ने मंत्री से ही सवाल करने शुरू कर दिए। इस पर मंत्री तमतमा गए। मंत्री ने कहा-तुम हरक सिंह रावत से ये बात कर रहे हो। एक मंत्री से यह बात कर रहे हो, जो जन शिकायत पर फोन कर रहा है। इस पर डायरेक्टर ने फोन काट दिया। इसके बाद मंत्री ने श्रम विभाग और प्रशासन के अफसरों से तुरंत जांच करने के निर्देश दे दिए।
ये है पूरा मामला
सेरॉन बाई मेडिसन, सेलाकुई में सीनियर मैनेजर रहे मेहूंवाला निवासी वासुदेव जखमोला को कुछ दिन पहले फैक्ट्री से निकाल दिया गया था। जखमोला ने आठ साल तक कंपनी में काम किया था। जखमोला का कहना है कि उसे न तो नोटिस दिया गया और न ही अग्रिम वेतन। न ही उसके कागजात लौटाए जा रहे हैं, इस वजह से वह दूसरी जगह भी नौकरी नहीं कर पा रहा है। इसी शिकायत को लेकर वह मंत्री के पास पहुंचे थे। दूसरी तरफ, फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि उक्त कार्मिक का आचरण सही नहीं रहा है।
-डॉ.हरक सिंह रावत, श्रम एवं वन मंत्री।
-मेरी मंत्री जी से फोन पर बात नहीं हुई है। उनके स्टॉफ से जरूर मैने ये कहा कि मैं मुंबई में एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त हूूं। जहां पर मैं मीटिंग में था, वहां पर नेटवर्क प्राब्लम भी थी। इसलिए तुरंत बात नहीं हो पाई। बाद में मैने मंत्री जी से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। मेरे स्तर पर बदतमीजी की बात एकदम गलत है।
-ललित मिश्रा, डायरेक्टर, सेरॉन बाई मेडिसन, सेलाकुई