दून में आशियाना, MDDA बनाएगा 4 हजार घर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी में अपने आशियाने का सपना देख रहे लोगों की उम्मीदें मार्च से साकार होने लगेंगी। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने तरला आमवाला और ट्रांसपोर्ट नगर में प्रस्तावित दोनों आवासीय योजनाओं का ‘डिजाइन’ तैयार कर लिया है।
सात मंजिला भवनों में चार हजार आवास बनाए जाने हैं। अब तक की सबसे बड़ी इस आवासीय योजना के लिए मार्च से लाटरी के फार्म उपलब्ध हो जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि मार्च से ही निर्माण भी शुरू हो जाएगा, करीब दो साल में आवास तैयार होंगे।
बीस दिसंबर की बोर्ड बैठक में आवासीय योजना को मंजूरी मिलते ही प्राधिकरण ने आवासीय योजना के डिजाइन का जिम्मा एक कंपनी को दे दिया था। कंपनी ने कुछ दिन पूर्व दोनों आवासीय योजना के डिजाइन एमडीडीए अधिकारियों को सौंप दिए।
दोनों ही आवासीय योजना में पहली बार उच्च आर्य वर्ग (एचआईजी) के फ्लैटों का भी निर्माण होगा। निर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) फ्लैट में पहली बार सब्सिडी दिए जाने की भी योजना है। बता दें कि दोनों ही प्रस्तावित आवासीय योजनाओं के लिए जिला प्रशासन ने एमडीडीए को गत नवंबर में जमीन हस्तांतरित कर दी थी।
ऐसे होंगे फ्लैट
एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी, तीनों ही तरह के आवास दो बेडरूम, हाल, किचन यानी दो बीएचके के होंगे। अंतर सिर्फ आवास के कवर्ड और कारपेट एरिया का होगा। हालांकि, यह अभी तय नहीं है कि यह अंतर कितना होगा। एचआईजी में सबसे ज्यादा सुविधाएं होंगी।
संभावित कीमत
फ्लैट----------------कीमत संभावित
ईडब्ल्यूएस-----------पांच लाख (सब्सिडी के साथ)
एलआईजी-----------12 लाख
एमआईजी-----------28 लाख
एचआईजी-----------35 लाख
(ईडब्ल्यूएस: निर्बल आय वर्ग, एलआईजी: निमभन आय वर्ग, एमआईजी: मध्य आय वर्ग, एचआईजी: उच्च आय वर्ग)
ऐसे होगा सपना पूरा
मार्च में चार हजार आवासों के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण आवेदन पत्र निकालेगा। ये आवेदन पत्र प्राधिकरण द्वारा निर्धारित शुल्क देकर बैंकों से प्राप्त किए जा सकेंगे। फार्म संबंधित बैंक में ही जमा किए जाएंगे। प्राधिकरण लाटरी निकालेगा। जिस व्यक्ति के नाम आवास निकलेगा, उसे फ्लैट की कीमत की कुछ प्रतिशत कीमत (अभी तय नहीं) बतौर ‘डाउन पेमेंट’ जमा करनी होगी। लाटरी निकलते ही बैंक से ऋण मिल जाता है।
नक्शा तैयार हो चुका है। अब योजना के निर्माण कार्यों के लिए निविदाएं निकाली जाएंगी। अगर निर्माण निगम को काम की जिम्मेदारी दी गई तो निविदा की जरूरत नहीं पड़ेगी। मार्च तक लाटरी के फार्म उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
-बंशीधर तिवारी, सचिव, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण