रैगिंग करने पहुंचे एमबीबीएस के छात्रों ने जूनियर छात्रों को जमकर पीटा, एंटी रैगिंग सेल पहुंचा मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के तीन छात्रों ने एमबीबीएस तृतीय वर्ष के तीन छात्रों की बृहस्पतिवार की रात को जमकर पिटाई की।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य ने आरोपी तीनों छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया है। शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई है। साथ ही रैगिंग करने वाले छात्रों के माता-पिता को भी बुलाया गया है।
बृहस्पतिवार की देर रात एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने तृतीय वर्ष के तीन छात्रों पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया था। आरोप है कि छात्रों के विरोध किया तो उन्हें जमकर पीटा गया और गालीगलौज की गई। पीड़ितों ने एंटी रैगिंग सेल की वेबसाइट पर मामले की शिकायत दर्ज कर दी।
प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने रात में ही तीनों छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया। शुक्रवार की सुबह तीनों को नोटिस थमा दिया। प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि शनिवार को शाम चार बजे एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है।
मारपीट करने वाले छात्रों के अभिभावकों को भी बुलाया गया है। बता दें कि एक महीने पहले 11 सितंबर को भी रैगिंग का मामला सामने आया था। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग हुई थी। प्राचार्य ने बताया कि पीड़ित के सामने न आने के कारण यूजीसी ने रैगिंग की शिकायत को खारिज कर दिया था।
सुबह सिर झुकाकर चलते हैं जूनियर छात्र
राजकीय मेडिकल कालेज में रैगिंग का मामला नया नहीं है। मेडिकल कालेज में लगातार रैगिंग की शिकायतें आती रहीं हैं। वरिष्ठ छात्रों के कनिष्ठ छात्रों से अभद्र व्यवहार की बात भी सामने आती रही है।
सूत्रों की मानें तो राजकीय मेडिकल कालेज में सुबह जूनियर छात्र सिर नीचे करके निकलते हैं। उन्हें एक लाइन बनाकर भी चलना पड़ता है। छात्राओं को चोटी बांधने और छात्रों को छोटे बाल रखने को कहा जाता है।
किसी भी छात्र के शर्ट का बटन खुले होने पर उसे वरिष्ठ छात्रों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। कनिष्ठ छात्रों से कई बार वरिष्ठ छात्र अपने निजी काम भी कराते हैं। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि शिकायत करने के लिए लेटर बाक्स लगाए गए थे मगर किसी ने शिकायत नहीं की।
20 महीने में दर्ज हो चुकी हैं 43 शिकायतें
हल्द्वानी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदेश रैगिंग का मामला थम नहीं रहा है। प्रदेश के विभिन्न कालेजों में जनवरी 17 से अक्तूबर 2018 तक रैगिंग के 43 शिकायतें दर्ज हो चुके हैं। ये सभी शिकायतें यूजीसी की वेबसाइट पर की गई हैं।
इस वर्ष की शिकायतें
11 सितंबर मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
08 सितंबर जीबी पंत इंजीनियिरिंग कालेज पौड़ी गढ़वाल
3 सितंबर आईआईटी रुड़की
26 अगस्त दून बिजनेस स्कूल
20 अगस्त क्वांटम यूनिवर्सिटी रुड़की
04 अगस्त डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स साइंस, कुमाऊं विवि
28 मई ग्राफिक ऐरा, भीमताल
26 मई रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी
19 अप्रैल देहरादून इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी
7 अप्रैल दून यूनिवर्सिटी देहरादून
1 अप्रैल गुरुराम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज देहरादून
30 मार्च यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून
20 फरवरी ला कॉलेज देहरादून।
वर्ष 2016 में भी हुई थी शिकायत
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2016 एमएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने यूजीसी की वेबसाइट पर रैगिंग की शिकायत की थी। इस छात्र ने सीनियर पर रैगिंग का आरोप लगाया था। मामले की जांच के बाद कालेज प्रशासन ने निस्तारित किया था।