मातृशक्ति सम्मेलन : पहाड़ की महिलाओं की दशा पर संवाद छह को, पहुंचेंगी हिमानी शिवपुरी
- राज्य सरकार और अमर उजाला की ओर से आयोजित होगा मातृशक्ति सम्मेलन
- श्रीनगर गढ़वाल में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा
- पहाड़ की पीड़ा : मातृशक्ति की चुनौतियां विषय पर होगा संवाद
विस्तार
राज्य सरकार और अमर उजाला मिलकर छह नवंबर को श्रीनगर गढ़वाल में मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित करेंगे। सम्मेलन में मातृशक्ति की विभिन्न समस्याओं, उनके कारणों, समाधान के उपायों पर संवाद होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, केंद्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा और लोकगायिका संगीता ढौंडियाल समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाएं शामिल होंगी।
महिला सम्मेलन
मातृशक्ति में तीन अलग-अलग सत्रों में महिलाओं के मुद्दे पर संवाद होगा। अलग-अलग विषयों से जुड़ी महिला विशेषज्ञ परिचर्चा में शामिल होकर मंथन करेंगी। सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक पहले सत्र में पहाड़ की पीड़ा : मातृशक्ति की चुनौतियां विषय पर संवाद होगा।
दूसरे सत्र (12 से एक बजे तक) में मातृशक्ति : पहाड़ी अर्थतंत्र की रीढ़ और तीसरे सत्र (दो से तीन बजे तक ) में उम्मीद की किरणें : विभिन्न क्षेेत्रों में पहाड़ का नाम रोशन करती मातृशक्ति विषय पर संवाद होगा। इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कर रहीं महिलाएं शामिल होंगी।
संगीता ढौंडियाल और अमित सागर देंगे प्रस्तुति
मातृशक्ति के समापन अवसर पर लोक गायिका संगीता ढौंडियाल और चैत्वाली फेम अमित सागर अपने ग्रुप के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। दोनों कलाकार शाम चार बजे से होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगे।
सप्ताहभर चलेगा राज्य स्थापना का जश्न
प्रदेश सरकार राज्य के स्थापना दिवस को इस बार यादगार बनाने जा रही है। इस बार स्थापना दिवस के कार्यक्रम तीन नवंबर से ही आरंभ हो जाएंगे। सप्ताहभर चलने वाले ये कार्यक्रम राजधानी देहरादून से लेकर मसूरी, टिहरी, अल्मोड़ा, श्रीनगर में भी आयोजित होंगे।
अलग-अलग थीम पर होने वाले ये कार्यक्रम उत्तराखंड के सैनिकों, महिलाओं, युवाओं पर केंद्रित होंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री, अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले प्रवासी उत्तराखंडी और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ शिरकत करेंगे। आयोजन में राज्य की लोक, परंपरा और संस्कृति की झलक दिखाई देगी। इन कार्यक्रमों के जरिये सरकार रिवर्स पलायन का संदेश भी देगी।