फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath

अंतिम सांस तक नक्सलियों से लड़ता रहा देवभूमि का सपूत योगेश, इस तरह किया उग्रवादियों का सामना

Sun, 24 Jun 2018 09:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 24 Jun 2018 09:17 AM IST
विज्ञापन
Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath
Martyr yogesh

सीने से गोली आर पार होने के बाद भी 22 साल के योगेश परगाईं ने हार नहीं मानी और मोर्चा संभाले रहे। हालांकि, ज्यादा खून बह जाने के कारण वह अधिक देर तक उग्रवादियों का सामना नहीं कर पाए और देश के लिए प्राणों की आहुति दे दी।

विज्ञापन

 

Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath
martyr, yogesh pargai
सूत्रों के अनुसार हमले में उग्रवादी की एक गोली योगेश के सीने से आर-पार हो गई। घायल हालत में भी योगेश पीछे नहीं हटे। उन्होंने तुरंत पोजिशन ली और दुश्मन के खिलाफ बंदूक तान दी। खून ज्यादा बहने से वह बेहोश हो गए। साथी सैनिकों ने उन्हें कैंप से अस्पताल पहुंचाया तब तक वह देश के लिए जान न्योछावर कर चुके थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath
martyr, yogesh pargai
योगेश के गांव तक सड़क बनाने की घोषणा
शहीद योगेश का गांव तक सड़क पहुंचाने का सपना पूरा होगा। भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने भदरकोट गांव में दो किमी सड़क शहीद योगेश परगाईं के नाम से बनाने की घोषणा की है। इस सड़क के निर्माण का खर्चा वह अपनी विधायक निधि से देंगे। उन्होंने कहा कि योगेश की शहादत का कोई मोल नहीं है गांव वाले उनकी शहादत को याद रखेंगे। 

 
विज्ञापन

Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath
martyr, yogesh pargai
दो साल पहले ही तैनात हुई है रेजीमेंट
नगालैंड में चार कुमाऊं रेजीमेंट की कभी भी तैनाती नहीं होती थी। दो साल पहले ही रेजीमेंट वहां भेजी गई। जब यूनिट कोहिमा भेजी गई तो योगेश भी साथ गए। घर में सबसे छोटे लाडले योगेश का पार्थिव शरीर देखकर मां तारी देवी, बहन नीमा भंडारी और भाभी कमला बदहवास हो गईं। परिजन उन्हें बार-बार होश में लाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वो बेसुध ही रहीं। 

 

Martyr yogesh pargai fight with naxalites till last breath
भारतीय सेना

नगालैंड से चार कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार जगत सिंह शहीद योगेश का पार्थिव शरीर लेकर दिल्ली पहुंचे। वहां से सीएचएम दिनेश सिंह, नायक हरीश हर्बोला भी साथ हो लिए और सेना के वाहन से लेकर हल्द्वानी पहुंचे। शहीद योगेश के पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा जब भाई मुकेश परगाईं को दिया गया तो वह फूट-फूट कर रोने लगे। तिरंगे को सीने से लगाकर उन्होंने भाई की शहादत को सलाम किया और सेना के अफसरों से देश के दुश्मनों का खात्मा करने के लिए कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed