फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   mantri prasad naithani in rurki

जन्मजात 'मंत्री' हूं, शब्दकोश में 'असंभव' शब्द नहीं

Wed, 27 Nov 2013 06:02 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 27 Nov 2013 06:02 PM IST
विज्ञापन
mantri prasad naithani in rurki

उत्तराखंड के शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि मंत्री नहीं गुरुजनों का सेवक हूं। गुरुजनों की बदौलत ही आज प्रदेश का शिक्षा मंत्री हूं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए 2014 ऐतिहासिक वर्ष होगा। 2014 में जब वह शिक्षकों के बीच आएंगे तो तब शिक्षा विभाग नये स्वरुप में दिखेगा।

रुड़की के नगर निगम सभागार में आयोजित उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जनपदीय सम्मेलन, शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में मंत्री प्रसाद ने कहा कि शिक्षक माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए शिक्षण कार्य को ईमानदारी के साथ करें।
विज्ञापन


शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं

प्रत्येक शिक्षक अपनी कक्षा के पांच-पांच छात्र-छात्राओं को प्रथम श्रेणी में दिलाए जाने का संकल्प लें। नैथानी ने बताया कि उनके शब्दकोश में किसी काम के लिए असंभव शब्द नहीं है। गुरुओं की समस्याओं के समाधान से ही किसी प्रदेश का विकास संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए गुरुओं की सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। तकनीकि की वजह से शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने में दिक्कत जरुर आ रही हैं, लेकिन सभी का समाधान हो जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल शिक्षक ही सकते हैं कोई राजनेता नहीं। इसलिए शिक्षक बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जिससे सभी की इज्जत महफूज रह सके।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष जेपी बहुगुणा ने कहा कि सचिवालय में बैठे अधिकारी शिक्षकों की समस्याओं का निदान करने की बजाए उलझाने में लगे रहते हैं। जिससे आज शिक्षक परेशान हैं।

कुर्ता-पैजामा डाला और बोले हम हैं नेता
मैंने 1984-85 मे यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष बना था, इसके बाद कॉलेजों में अध्यापकों के लिए नौ माह तक आंदोलन किया, तब जाकर अंश कालीन शिक्षकों की नियुक्ति की गई। यही नहीं बाद में अंशकालीन शिक्षकों को नियमित किए जाने के लिए संघर्ष किया।

जिससे आज आपके सीईओ आरके उनियाल एवं डीईओ माध्यमिक कंचन देवराड़ी समेत शिक्षकों नौकरी मिल सकी। विधायक एवं मेयर की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज कुर्ता-पैजामा डालकर कोई भी बोलने लगता है कि हम नेता, लेकिन संघर्ष करने का मजा अलग ही होता है।

सीएम तो नाम के हैं
मेयर यशपाल राणा मंच पर आए तो क्षण भर के लिए ही। करीब दो मिनट के संबोधन में अपने अंदाज में हंसते रहे और बोलते रहे। जिससे शिक्षक और मंचासीन अतिथि ठहाके लगाते हुए हंसते रहे। मेयर ने हंसते हुए कहा कि सीएम विजय बहुगुणा तो नाम के हैं, हरिद्वार में मंत्री सुरेंद्र राकेश एवं उनके जिले में चल तो रही है मंत्री प्रसाद नैथानी की ही है।

 
जन्मजात मंत्री हूं
सम्मेलन में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने विधायक एवं मेयर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को लेने के लिए कोई तैयार नहीं होता, क्योंकि जो शिक्षा मंत्री बनता है वह बाद में चुनाव नहीं जीतता, लेकिन मैं इसका ध्यान नहीं रखता, क्योंकि वह जीते या न जीते, सरकार किसी की रहे, उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह तो जन्मजात मंत्री है।

एक बार शिक्षक दरबार लगाओ
नैथानी ने कहा कि एक बार शिक्षक दरबार लगाओ सात-आठ नहीं पूरे 24 घंटे दरबार में रहूंगा और शिक्षकों की समस्याओं को सुनकर सब का समाधान करूंगा।

वकील को नाराज मत करो
मंत्री प्रसाद ने शिक्षकों से कहा कि वह उनके (मंत्री) वकील हैं, इसलिए वकील को नाराज मत करें, क्योंकि अगर वकील  नाराज हो गए तो वह जज (मुख्यमंत्री) के सामने नहीं बहस नहीं कर पाएंगे और आप लोगों की समस्याएं फंस जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed