काम में हस्तक्षेप से नैथानी खफा, सीएम से मिलेंगे
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नैथानी ने ग्वाल पर वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई की संस्तुति की थी। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद चार्जशीट के बजाय सफाई मांग कर मामले को हल्का बनाने का दबाव है।
नैथानी ने कीर्तिनगर में कहा कि निदेशक को पक्ष रखने का मौका दिया गया है। हर हाल में चार्जशीट दी जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, ग्वाल ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखा है। बताया जाता है कि कुमाऊं के एक असरदार पूर्व विधायक ग्वाल की पैरवी में उतर आए हैं।
इससे पहले मंत्री को तबादलों वाले मामले में भी मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के कारण फजीहत का सामना करना पड़ा था। अक्तूबर में मंत्री की ओर से करीब ढाई सौ से अधिक शिक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया गया था। कई शिक्षकों ने नई तैनाती स्थल पर ज्वायन भी कर लिया था।
सीएम से मिलने की तैयारी में नैथानी
इसके बाद मुख्यमंत्री के स्तर पर तबादलों को निरस्त कर दिया गया। कहा गया था कि संशोधित तबादला नीति आने के बाद ही तबादले किए जाएं।
अब ग्वाल के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से मंत्री की नाराजगी बढ़ गई है। मंत्री के नजदीकी लोगों का कहना है कि बार-बार हस्तक्षेप का असर मंत्री पर भी पड़ रहा है। इससे मंत्री को संबंधित विभागों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मंत्री ने इस मामले पर मुख्यमंत्री से बात करने का मन बनाया है। पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि इस मामले को फिर से उठाया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में 54.11 लाख रुपये के घपले का आरोप माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल पर लगा है।