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उत्तराखंड: प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रबंधन प्रणाली लागू, अब हर गतिविधि पर रखी जा सकेगी नजर
Wed, 30 Mar 2022 02:20 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 30 Mar 2022 02:20 PM IST
सार
सैटलमिंट कंपनी की ओर से मेडिकल कॉलेजों में परिसंपत्ति प्रबंधन का प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कंपनी की ओर से दी डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रबंधन का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया के तहत मेडिकल कॉलेजों में परिसंपत्तियों के ऑनलाइन प्रबंधन से पारदर्शिता आएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया। इस प्रणाली से मेडिकल कॉलेजों की हर गतिविधियों की प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय स्तर से निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा सैटलमिंट कंपनी के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मेडिकल कॉलेजों में परिसंपत्ति प्रबंधन आनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
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सचिवालय में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सैटलमिंट कंपनी की ओर से मेडिकल कॉलेजों में परिसंपत्ति प्रबंधन का प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कंपनी की ओर से दी डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रबंधन का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया के तहत मेडिकल कॉलेजों में परिसंपत्तियों के ऑनलाइन प्रबंधन से पारदर्शिता आएगी। साथ ही प्रबंधन की दक्षता में सुधार होगा। उपकरणों के प्रबंधन पर जरूरत से अधिक व्यय को भी कम किया जा सकेगा।
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सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली से राजकीय मेडिकल कॉलेज दून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा में टेंडर प्रक्रिया, उपकरणों से संबंधित जानकारी व अन्य गतिविधियों की आसानी से निगरानी की जाएगी। साथ ही किसी भी समय पोर्टल पर राजकीय मेडिकल कालेजों की सूचनाओं की जानकारी उच्च स्तर पर अधिकारी प्राप्त कर सकेंगे।
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सैटलमिंट कंपनी की सीईओ फातिमा शहनाज व सृष्टि असुदानी ने डिजिटल रूप से परिसंपत्तियों के प्रबंधन प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से विभागों के उच्च अधिकारी जरूरत पड़ने पर परिसंपत्तियों की ट्रैकिंग कर सकते हैं। मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों का डाटा संग्रहण भी किया जाएगा। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेम चंद्रा आदि मौजूद थे।