फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   man fights and defeat to leopard.

आमने-सामने की खौफनाक लड़ाई में तेंदुए को मार भगाया

Sun, 28 Sep 2014 05:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sun, 28 Sep 2014 05:07 PM IST
विज्ञापन
man fights and defeat to leopard.

दिल्ली के चिड़ियाघर में बाघ ने एक किशोर को भले मार दिया पर उत्तराखंड के केवलानंद की हिम्मत के आगे तेंदुए को हार माननी पड़ी। ऊपरी रामगंगा घाटी के लेजम ग्राम पंचायत के कमद गांव में बुधवार की रात घर के अंदर घुसा तेंदुआ केवलानंद की हिम्मत देख कर पस्त हो गया। पंद्रह मिनट की आमने सामने की लड़ाई के बाद आखिर तेंदुए ने दुम दबाकर भागने में ही भलाई समझी।

विज्ञापन


दोनों के बीच हुई गुत्थमगुत्था के दौरान युवक का एक हाथ तेंदुए के मुंह में चला गया। कई जगहों पर गहरे जख्म और लहूलुहान होने पर भी वह 15 मिनट तक जूझता रहा।
विज्ञापन


घर में मची चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग वहां पहुंचे, तब तक तेंदुआ भाग खड़ा हुआ। दरअसल, कुत्ते का पीछा करते हुए तेंदुआ उसके घर में घुस गया था।

कुत्ते का पीछा करते घर में घुसा तेंदुआ

man fights and defeat to leopard.

केवलानंद के मुताबिक बुधवार रात लघुशंका के लिए उनकी माता आनंदी देवी घर से बाहर निकली थीं। घर में आने के दौरान उनके साथ कुत्ता चल दिया। उस कुत्ते का शिकार करने के लिए उसके पीछे-पीछे तेंदुआ भी घर के अंदर चला आया।

तेंदुए के अंदर घुसते ही बेहद खौफनाक स्थिति हो गई। केवलानंद तिवारी (30) के साथ तीन छोटे बच्चे अरुण, तरुण, दिवाकर सोए थे और तेंदुआ इन लोगों से सिर्फ दो फीट की दूरी पर आकर खड़ा हो गया और बच्चों पर झपटने का प्रयास करने लगा।

केवलानंद ने अपनी जान की कोई परवाह नहीं की और बच्चों को तेंदुए के हमले से बचाने के लिए उसे भगाने का प्रयास करने लगा। आमने सामने की लड़ाई में तेंदुए के खूनी पंजे से निपटने केवलानंद के पास कोई हथियार भी नहीं था।

तेंदुए ने मुंह में लिया हाथ, फिर भी लड़ता रहा

man fights and defeat to leopard.

खूंखार तेंदुए ने केवलानंद का बांया हाथ अपने मुंह ले‌ लिया। फिर भी केवलानंद ने हिम्मत नहीं हारी, वह तब तक तेंदुए से भिड़ता रहा जब तक वह घर से बाहर नहीं निकल गया।

तेंदुए से केवलानंद को लड़ता देखकर घर के अंदर तीन बच्चों, केवलानंद की पत्नी हेमा तिवारी, माता आनंदी देवी में चीख पुकार मच गई। हल्ला सुनकर गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए, लेकिन तेंदुआ भाग चुका था।

गंभीर रूप से घायल केवलानंद को गोचर अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसके पैर, पीठ और हाथ में गहरे जख्म हो गए हैं। मजदूरी कर परिवार को पालने वाले केवलानंद ने बताया कि तेंदुआ काफी बड़ा है और वह खूंखार तरीके से हमला कर रहा था।

विज्ञापन

घाटी के 118 गांव में तेंदुओं का आंतक

man fights and defeat to leopard.

केवलानंद रात की घटना के बाद से अब तक सामान्य नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि यदि साहस नहीं दिखाता तो बड़ी अनहोनी हो जाती।

तेंदुए का हमला रोज नए गांव में हो रहा है। ऊपरी रामगंगा घाटी के 118 गांव ऐसे हो गए हैं, जहां तेंदुए अपनी पहुंच बना चुके हैं।

लोगों को आशंका है कि इस इलाके में सक्रिय तेंदुओं की संख्या तीन-चार भी हो सकती है। लोगों का आरोप है क‌ि वन विभाग को इन घटनाओं की कोई परवाह नहीं है। हालत यह हो गई है क‌ि अब तो घटना होने पर भी वनकर्मी मौके पर नहीं जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed