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अल्मोड़ा से जुड़ा है मलेरिया और नोबल का इतिहास
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Wed, 07 Oct 2015 04:49 PM IST
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अल्मोड़ा से भी मलेरिया और नोबल का इतिहास जुड़ा है, क्योंकि मलेरिया होने के कारण खोजने वाले महान वैज्ञानिक रोनाल्ड रॉस का जन्म अल्मोड़ा के ऐतिहासिक थॉमसन हाउस में हुआ था।
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उन्होंने 1897-98 में सबसे पहले यह खोज की थी कि मलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लिए उन्हें नोबल पुरस्कार से नवाजा गया था। अब मलेरिया की दवा खोजने पर चीन की प्रो. यूयू को नोबल पुरस्कार दिए जाने का ऐलान हुआ है।
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मलेरिया के कारणों की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक रोनाल्ड रॉस का जन्म 13 मई 1897 को अल्मोड़ा के ऐतिहासिक थॉमसन हाउस में हुआ था। उनके पिता ईस्ट इंडिया कंपनी में अफसर थे। उस दौर में उनके पिता अल्मोड़ा के थॉमसन हाउस में रहते थे।
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रोनाल्ड रॉस 1881 में भारतीय चिकित्सा सेवा में चयनित हुए। उन दिनों मलेरिया के बुखार से महामारी फैल रही थी और मलेरिया के कारणों का कुछ पता नहीं लग पा रहा था। रोनाल्ड ने 1892 में मलेरिया को लेकर शोध शुरूकिया। फिर 1897-98 में यह साबित करने में सफल रहे कि मलेरिया एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। इस खोज के लिए उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।