65 साल पहले बिना देखे बना दी थी बापू की प्रतिमा
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाएं आज भी कई बड़े कस्बों और नगरों में नहीं लग पाई हैं, लेकिन यह जानकर आपको हैरानी होगी कि आज से 65 वर्ष पूर्व पिथौरागढ़ के खर्कदेश के खर्कदोली गांव में एक कारीगर ने एक अखबार देखकर पत्थर पर राष्ट्रपिता की प्रतिमा बना डाली थी।
महात्मा गांधी के प्रति अपने अनुराग को प्रदर्शित करते हुए इस कारीगर ने जो पत्थर की प्रतिमा बनाई उसे मूर्त रूप देने का प्रयास किया। प्रतिमा आज भी खर्कदोली गांव में मौजूद है।
महात्मा गांधी के आंदोलन से 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से 1948 में गांधी जी की मौत हो गई। गांधी जी आजादी के आंदोलन में सक्रियता के समय ही पूरी दुनिया में छा गए थे। उनकी मौत की सूचना भी पहाड़ के दूरदराज गांवों तक पहुंच गई थी।
राष्ट्रपिता की याद में खर्कदोली गांव में 1950 में एक स्थानीय कारीगर देव राम ने पत्थर पर गांधी जी प्रतिमा उकेर दी। उसने इस प्रतिमा के नीचे मोहनदास करमचंद गांधी भी लिख दिया था।
1950 से हर साल यहां बापू का करते हैं याद
1950 में दो अक्तूबर को इस प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और बापू को याद किया। तब से हर साल दो अक्तूबर को लोग इस स्थान पर जुटते हैं। इस बार भी क्षेत्र के लोग गांधी जयंती के दिन इस प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने जाएंगे।
कहां पर है खर्कदोली गांव
पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट विकासखंड के अंतर्गत मड़मानले कस्बे से थोड़ा पहले लछैर नामक जगह पड़ती है। लछैर जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर है। लछैर से तीन किलोमीटर पैदल चलकर खर्कदोली गांव आता है। गांधी जी की यह प्रतिमा गांव से थोड़ा दूरी पर है।
प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण होगा
जिला पंचायत सदस्य गोदावरी देवी ने कहा है कि महात्मा गांधी के प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रतिमा के चारों और पार्क का निर्माण होगा। इसके लिए शासन से धन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।