{"_id":"6984a306d3fe15ba23076c79","slug":"mahapanchayat-is-a-gathering-of-parties-seeking-survival-bjp-dehradun-news-c-5-drn1043-894779-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्तित्व की तलाश वाले दलों का जमावड़ा है महापंचायत : भाजपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्तित्व की तलाश वाले दलों का जमावड़ा है महापंचायत : भाजपा
विज्ञापन
-कहा, अंकिता के बहाने तुष्टिकरण की कोशिशों को लगेगा झटका
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने अंकिता भंडारी मामले में इंडी गठबंधन की महापंचायत को अस्तित्व की तलाश में जुटे दलों का जमावड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ही घरों में पंचायत की जरूरत है।
चौहान ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। पूर्व में इन दलों ने अंकिता भंडारी के मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति को लेकर संशय की बात की। अब सीबीआई जांच शुरू हो गई तो यह दल बैकफुट पर आ गया। हालांकि उनका मकसद अंकिता को न्याय दिलाने को लेकर नहीं है। इस बहाने वह अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। चौहान ने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों के अलावा कांग्रेस और सपा की असलियत से जनता वाकिफ है। राज्य विरोधी रही सपा और दुष्प्रचार में कांग्रेस के अवसरवादी एजेंडे को वामपंथी तूल देने की कोशिशों में जुटे हैं। हरदा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एक और सीबीआई जांच की मांग और दूसरी और जांच पर सवाल से उनकी मंशा को समझा जा सकता है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने अंकिता भंडारी मामले में इंडी गठबंधन की महापंचायत को अस्तित्व की तलाश में जुटे दलों का जमावड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने ही घरों में पंचायत की जरूरत है।
चौहान ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। पूर्व में इन दलों ने अंकिता भंडारी के मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति को लेकर संशय की बात की। अब सीबीआई जांच शुरू हो गई तो यह दल बैकफुट पर आ गया। हालांकि उनका मकसद अंकिता को न्याय दिलाने को लेकर नहीं है। इस बहाने वह अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। चौहान ने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों के अलावा कांग्रेस और सपा की असलियत से जनता वाकिफ है। राज्य विरोधी रही सपा और दुष्प्रचार में कांग्रेस के अवसरवादी एजेंडे को वामपंथी तूल देने की कोशिशों में जुटे हैं। हरदा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एक और सीबीआई जांच की मांग और दूसरी और जांच पर सवाल से उनकी मंशा को समझा जा सकता है।
विज्ञापन