11 मार्च से 15 जून तक चलेगा मां पूर्णागिरि धाम का मेला, सीसीटीवी की निगरानी में होगा क्षेत्र
- डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यवस्थाओं का निर्धारण
- विभागों को मेले से पूर्व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश, सीसीटीवी की निगरानी में होगा मेला क्षेत्र
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पूर्णागिरि मेला इस बार 11 मार्च से शुरू होगा और 15 जून तक 97 दिन चलेगा। मेले की व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, डीएम एसएन पांडेय और एसपी लोकेश्वर सिंह ने व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों की बैठक लेकर व्यवस्थाएं निर्धारित कीं।
अधिकारियों को मेले से पूर्व हर हाल में सड़क, बिजली, पानी आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। समूचा मेला क्षेत्र सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। जरूरी स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे। वहीं श्रद्धालुओं की वास्तविक गणना के लिए काली मंदिर में फेर रिकार्डर मशीन लगाई जाएगी।
शुक्रवार को पूर्णागिरि धाम के भैरव मंदिर क्षेत्र में हुई बैठक में तय हुआ कि मेला 11 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश की व्यवस्था रहेगी। लोनिवि को मोटर मार्ग के साथ काली मंदिर से ऊपर पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त रेलिंग और सीढ़ियों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों के विश्राम के लिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
यात्रियों के विश्राम के लिए पुख्ता इंतजाम और जगह-जगह अस्थायी शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार भी ट्रैक्टर ट्रॉलियों और भारी वाहनों को बूम से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। डीएम ने कहा कि मेला शुरू होने से पूर्व समय-समय पर बैठकें और स्थलीय निरीक्षण कर मेले की तैयारी की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
जिला पंचायत के हाथों में सौंपा जाए पूर्णागिरि मेले का संचालन: ज्योति
जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय ने कहा कि पूर्णागिरि मेले का संचालन पूर्व की भांति जिला पंचायत के हाथों में सौंपा जाए। उनकी इस मांग पर विधायक कैलाश गहतोड़ी ने भी सहमति जताई लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
बता दें कि वर्ष 2011 के बाद से मेले का संचालन जिला पंचायत से हटाकर जिला प्रशासन और मेला प्रशासन ने अपने हाथों में ले लिया था। मेले की आय और व्यय का संचालन भी जिला प्रशासन और मेला प्रशासन द्वारा किया जाता है।