चुनाव 2019: 50 हजार तक ही नकदी ले जा सकेंगे प्रत्याशी, केवल इतने का ही मिलेगा चंदा
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लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 50 हजार और स्टार प्रचारक एक लाख तक की नकदी लेकर चल सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने चुनाव में एक प्रत्याशी के लिए अधिकतम 70 लाख रुपये तक खर्च करने की सीमा निर्धारित की है।
10 हजार से अधिक चुनावी खर्च का भुगतान क्रास चेक व एनईएफटी से करना अनिवार्य होगा। आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन के साथ शपथपत्र देना होगा। शपथपत्र को ऑनलाइन भी भरा जा सकेगा।
आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकनपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च निर्धारित की गई है। प्रचार के दौरान प्रत्याशी 50 हजार और स्टार प्रचारक एक लाख तक नकद राशि साथ ले जा सकेंगे। उम्मीदवारों के लिए चुनाव में खर्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित की है।
चुनाव खर्चे के लिए उम्मीदवारों को अलग से बैंक खाता खोलना पड़ेगा। इसी खाते से चुनाव पर खर्च होने वाली राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रत्याशी को शपथपत्र में चल, अचल संपत्ति, शैक्षिक योग्यता का ब्योरा देना होगा। इस शपथपत्र को उम्मीदवार ऑनलाइन भी भर सकेंगे।
नामांकनपत्र के साथ शपथपत्र की मूल प्रति रिटर्निंग आफिसर के पास जमा करानी होगी। नई सुविधा पोर्टल पर उम्मीदवारों को शपथपत्र काउंटर होने और अनापत्ति प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि चुनावी खर्चे की निगरानी के लिए विधानसभ वार लेखा अनुश्रवण टीमें गठित की गई। उम्मीदवारों के चुनावी खर्चे का आकलन किया जाएगा।
आपराधिक मामलों को करना होगा सार्वजनिक
उम्मीदवारों पर यदि आपराधिक मामला दर्ज है, तो उम्मीदवार को स्वयं ही मामले को सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए समाचार पत्रों में तीन बार आपराधिक मामले को प्रकाशित करना होगा। निर्वाचन आयोग ने पहली बार यह गाइड लाइन जारी की है। वहीं, उम्मीदवार को अपने व पारिवारिक सदस्यों का पांच साल का आयकर रिटर्न फाइल करने का ब्योरा देना अनिवार्य होगा।
एक दिन में दस हजार से अधिक नकद चंदा नहीं ले सकेंगे प्रत्याशी
आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रत्याशी किसी भी व्यक्ति या संस्था से दस हजार रुपये से अधिक नकद चंदा एक दिन में नहीं ले सकते। वहीं प्रतिदिन किए जाने वाले नकद व्यय की सीमा भी दस हजार रुपये तय की है। इससे अधिक धनराशि खर्च करने के लिए इलेक्ट्रोनिक लेने-देन का इस्तेमाल किया जाना अनिवार्य है।
निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन व्यय और चंदे की राशि की न्यूनतम सीमा को नवंबर-2018 में संशोधन किया था। नई व्यवस्था में धनराशि की सीमा पहले के समान रखी है, लेकिन इलेक्ट्रोनिक माध्यम से ही लेन देन पर जोर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस हजार से अधिक का भुगतान प्रत्याशी तभी कर सकता है, जब वह निर्वाचन बैंक खाते से चैक, आरटीजीएस, बैंक ड्राफ्ट या एनईएफटी का इस्तेमाल करे।
वहीं चंदा लेने की सीमा भी 10 हजार रुपए प्रतिदिन तय की गई है। राजनीतिक दलों के लिए यह सीमा नहीं लागू है। उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 ग के प्रावधानों के तहत दान लेने की अनुमति रहेगी।