लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा में ‘सेना’ तैयार, लेकिन हो रहा ‘सेनापतियों’ का इंतजार
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लोकसभा चुनाव में भाजपा की सेना प्रचार अभियान गरमाने को तैयार बैठी है, लेकिन अभी ये तय नहीं हो पाया है कि उसके सेनापति कौन होंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि प्रत्याशियों का एलान अतिशीघ्र हो जाएगा। मगर घोषणा से पहले चुनावी समर में उतारे जाने वाले संभावित चेहरों के नाम अभी से तैरने लगे हैं। साथ ही सियासी हलकों में ये सवाल भी गरमा रहा है कि क्या पार्टी सिटिंग-गेटिंग के फॉर्मूले पर चलकर मौजूदा सांसदों पर दांव लगाएगी या कुछ सीटों पर नए चेहरों को उतारेगी।
उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। सभी सीटों पर पार्टी चुनाव प्रभारी पहले ही तैनात कर चुकी है। हर बूथ मजबूत के संकल्प के साथ पार्टी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को मोर्चे पर पहले से उतार रखा है। जनसंपर्क अभियान, नुक्कड़ सभाएं, गोष्ठियां, सम्मेलन और सभाओं के जरिए कार्यकर्ता पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने को तैयार बैठे हैं। अब उन्हें प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार है। प्रत्याशी तय होते ही सेना मैदान में उतर जाएगी।
बदले हालातों में बदली रणनीति
पुलवामा आतंकी हमले के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भाजपा ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। इस बीच यह चर्चा गर्म है कि पार्टी सिटिंग-गेटिंग के फॉर्मूले पर चल सकती है। 75 पार टिकट दौड़ से बाहर का फॉर्मूला हट जाने के बाद तो पौड़ी और नैनीताल सीट पर भी टिकट के दावेदारों को झटका लगा है।
हालांकि बुजुर्ग सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के पौड़ी सीट पर लड़ने की संभावना पर सस्पेंस बना है, लेकिन उनकी ओर से भी अभी तक यह स्पष्ट बयान नहीं आया कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। जबकि उनकी तुलना पार्टी के दूसरे बुजुर्ग नेता भगत सिंह कोश्यारी ज्यादा चुस्त हैं और उनके नैनीताल सीट पर चुनाव लड़ने की अधिक संभावनाएं जताई जा रही हैं। इनके अलावा पार्टी में ये चर्चा काफी गरम है कि हरिद्वार, टिहरी और अल्मोड़ा सीट पर भी पार्टी अपने सांसदों पर दोबारा दांव लगा सकती है।
पुरानों पर दांव का नफा और नुकसान
सियासी जानकारों की मानें तो पार्टी पुराने चेहरों ( सांसदों ) पर दांव लगाती है तो उसके अपने सियासी नफा और नुकसान हैं।
सियासी नफा: जाने पहचाने चेहरे हैं। मजबूत सांगठनिक नेटवर्क है। राष्ट्रवाद की हवा है।
सियासी नुकसान: कसौटी पर कामकाज होगा। सत्तारोधी रुझान का सामना करना होगा। जनता चुनाव में पांच साल के काम का हिसाब लेगी।
मोदी लहर में रहा शानदार प्रदर्शन
2014 के चुनाव में चली मोदी लहर में पार्टी के पांचों सांसदों का प्रदर्शन शानदार रहा।
2014 चुनाव में जीत का अंतर
सीट सांसद जीत का अंतर
अल्मोड़ा अजय टम्टा 95,690
पौड़ी मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी 184526
हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक 177822
नैनीताल भगत सिंह कोश्यारी 284717
टिहरी माला राज्य लक्ष्मी 192503
चुनाव को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। प्रत्याशियों के नाम अतिशीघ्र घोषित हो जाएंगे। संसदीय बोर्ड प्रत्याशियों के नामों पर निर्णय लेगा।
- अजय भट्ट, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष