मिशन 2019: उत्तराखंड की इस सीट पर भाजपा ने फिर किया है राजपरिवार पर भरोसा
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राजपरिवार से जुड़ी माला दो बार सांसद रह चुकी हैं। 2012 के लोकसभा उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस के साकेत बहुगुणा को हराया था। 2014 के चुनाव में उन्होंने उन्हें दोबारा शिकस्त दी।
बाकी सांसदों की तुलना में अधिक बेहतर नहीं मानी जा रही थी
पार्टी के अंदरुनी सर्वेक्षणों में टिहरी में माला की स्थिति बाकी सांसदों की तुलना में अधिक बेहतर नहीं मानी जा रही थी।
इसी वजह से उनका टिकट काटे जाने की अटकलें भी हो रही थीं। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने माला को मैदान में उतारकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है।