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नौकरी के लिए दुबई गया था कमलेश, भारत लौटा उसका शव, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
Mon, 27 Apr 2020 04:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 27 Apr 2020 04:09 PM IST
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दुबई में दिवंगत युवक कमलेश भट्ट का शव रविवार को पैतृक गांव पहुंचा। परिजनों ने सोमवार को पूर्णानंद गंगा घाट पर शव का दाह संस्कार किया।
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बीते 17 अप्रैल को दुबई में कार्यरत ग्राम सेमवाल गांव पट्टी सकलाना तहसील धनौल्टी जिला टिहरी निवासी 25 वर्षीय युवक कमलेश भट्ट की ह्दयघात से मौत हो गई थी। उनका शव 23 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा था, लेकिन एयरपोर्ट से ही उनका शव वापस दुबई के लिए भेज दिया गया।
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इसके बाद रोशन रतूड़ी ने उनका शव दुबई में मोर्चरी में रखवा दिया था। उनकी पहल से कमलेश का शव दोबारा भारत भेजा गया, यह मामला हाईकोर्ट में चला। रविवार की रात एक बजे कमलेश भट्ट का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। सोमवार को पूर्णानंद गंगा घाट पर शव का दाह संस्कार किया गया। उन्हें मुखाग्नि छोटे भाई राजेश भट्ट ने दी।
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धनोल्टी तहसील में सकलाना पट्टी के सेमवाल गांव निवासी कमलेश भट्ट आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर सका। उसने जैसे-तैसे गांव में इंटर की पढ़ाई भी मुश्किल से की और फिर काम की तलाश में जुट गया। दो साल पूर्व 22 साल की उम्र में कमलेश दुबई के एक होटल में नौकरी करने चले गया। इस पर बुजुर्ग पिता हरि प्रसाद भट्ट और माता प्रमिला देवी को आस थी कि उनका लाडला उनकी तंगहाली को दूर करेगा।
लेकिन 17 अप्रैल को कमलेश की मौत से परिजनों के सारे सपने चकनाचूर हो गए हैं। कमलेश की माता प्रमिला देवी भी पिछले लंबे समय से बीमार चल रही हैं। जिससे उनकी और परिवार की जिम्मेदारी इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुके कमलेश के छोटे भाई राजेश के कंधों पर आ गयी है।