लॉकडाउन: इस साल संभव नहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा, भारत-चीन व्यापार भी स्थगित होने के आसार
- यात्रा को लेकर मध्य फरवरी से शुरू हो जाता था बैठकों का दौर
- केएमवीएन के जीएम बोेले, विदेश मंत्रालय ने नहीं की कोई पहल
विस्तार
कोरोना संक्रमण के चलते विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन अब इस वर्ष संभव नहीं लग रहा है। विदेश मंत्रालय की कैलाश यात्रा को संचालित करने वाली एजेंसी कुमाऊं मंडल विकास निगम(केएमवीएन) के अधिकारियों के साथ न तो कोई बैठक हुई और न ही कोई निर्देश जारी हुए हैं।
कुमाऊं के लिपुलेख दर्रे से वर्ष 1981 में कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हुई थी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फ पिघलने के बाद प्रतिवर्ष जून में यात्रा शुरू हो जाती है। 18 दलों में विभिन्न राज्यों के करीब एक हजार यात्री भगवान भोलेनाथ की नगरी कैलाश की यात्रा करते हैं।
यात्रा को लेकर मध्य फरवरी से ही बैठकों का दौर शुरू हो जाता है, लेकिन इस वर्ष विदेश मंत्रालय ने निगम अधिकारियों से कोई वार्ता नहीं की है। केएमवीएन के जीएम अशोक जोशी का कहना है कि अब इस साल यह यात्रा संभव नहीं है।
भारत-चीन व्यापार, आदि कैलाश यात्रा पर भी असर
विदेश मंत्रालय से यात्रा के निर्देश मिलने पर केएमवीएन दिल्ली से यात्रा के संचालन के साथ ही यात्रियों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी करता है। मार्च-अप्रैल में निगम के आवास गृहों की मरम्मत, सुधारीकरण किया जाता है।
प्रशासन उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब रास्तों को ठीक करवाता है लेकिन इस साल कोरोना के कारण मानसरोवर यात्रा के साथ ही भारत-चीन व्यापार, आदि कैलाश यात्रा भी स्थगित होने के पूरे आसार हैं।