24 घंटे बाद काबू में आया घर 'कब्जाने' वाला गुलदार
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रुद्रप्रयाग के एक गांव में 24 घंटे तक घर में घुस कब्जा जमाने वाले गुलदार को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। गुलदार को प्रभागीय कार्यालय लाया गया है। गुलदार के सिर और मुंह पर चोट के निशान हैं। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की टीम उसका उपचार कर रही है।
शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के किमाणा गांव में मदन सिंह पंवार के घर में लगे पिंजरे में गुलदार के कैद होने पर वन विभाग के कर्मियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान पिंजरे को चारों तरफ कपड़े से ढक लिया गया।
यहां से प्रात: 6 बजे टीम गुलदार को लेकर रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हुई। गुलदार को पानी पिलाया गया और खाने के लिए मांस दिया गया। गर्मी से बचाने के लिए उसे पानी से भिगोया गया। करीब पांच वर्ष के नर गुलदार की लंबाई सात फीट से अधिक है।
पिंजरे को मुंह से तोड़ने की कोशिश में तोड़ लिए दांत
गुलदार के सिर पर चोट के निशान हैं और उसके दो दांत टूटने के साथ जबड़ा भी लहूलुहान था। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि तेजी से पिंजरे में घुसते समय गुलदार पिंजरे की राड से टकरा गया, जिससे चोट आई है।
वहीं पिंजरे में कैद होने के बाद गुस्से से सरिया को मुंह से दबाने की लगातार कोशिशों से जबड़े पर भी घाव होने के साथ दो दांत भी टूट गए हैं। प्रभागीय कार्यालय में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र नितवाल और डाक्टर शिव मोहन ने गुलदार का उपचार किया।
इनका है कहना
उपचार के बाद गुलदार ठीक है और उसे ठंडे कमरे में रखा गया है। गुलदार को रेसक्यू सेंटर भेजने के संबंध में उच्चाधिकारियों से बातचीत चल रही है। अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि कहां भेजा जाए।
-राजीव धीमान, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग