अल्मोड़ा: कमरे में पड़ा मिला अधिवक्ता का शव, दो सुसाइड नोट में बताई आत्महत्या की वजह
- जाड़ापानी गंगोलीहाट के रहने वाले थे अधिवक्ता मनोज कोठारी
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अल्मोड़ा के गोलनाकरड़िया, धारानौला में एक अधिवक्ता ने बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। सोमवार की सुबह वह अपने कमरे में मृत पाए गए। कमरे से मिले दो सुसाइड नोटों में अधिवक्ता ने बीमारी के कारण आत्महत्या की बात लिखी है।
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लिया और परिजनों को सूचना देने के बाद पंचनामे की कार्रवाई पूरी की। जानकारी के अनुसार जाड़ापानी गंगोलीहाट निवासी अधिवक्ता मनोज कोठारी (46) पुत्र स्व. पीतांबर कोठारी गोलनाकरड़िया में किराए पर रहते थे। वह 12 साल से अल्मोड़ा में प्रैक्टिस कर रहे थे।
सोमवार सुबह देर तक उनके नहीं उठने पर जब पड़ोसियों ने दरवाजा खोलकर देखा तो वह मृत पड़े मिले। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे में दो सुसाइड नोट मिले। इनमें एक मां के लिए और दूसरा भाई के लिए था।
कोतवाल अरुण वर्मा ने बताया कि मां को संबोधित सुसाइड नोट में अधिवक्ता ने लिखा है ‘मुझे माफ करना, मैं बीमारी के कारण आत्महत्या कर रहा हूं और इसमें किसी का दोष नहीं है।’ भाई को संबोधित पत्र में लिखा है, ‘माफ करना भाई, आप लोगों के साथ खुशी-खुशी नहीं रह पाया। अपना ख्याल रखना, आप का अभागा भाई।’ जानकारी के अनुसार मनोज अविवाहित थे।