उत्तराखंड: एक करोड़ की ठगी में पूर्व मंत्री के दामाद समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
- आवासीय योजना की जमीन का सौदे रद्द होने के बाद वापस नहीं की रकम
- सचिवालय संघ के अध्यक्ष ने कोतवाली में कराया धोखाधड़ी का मुकदमा
विस्तार
उत्तराखंड सचिवालय कर्मचारियों की सोसायटी के एक करोड़ रुपये हड़पने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें एक पूर्व मंत्री का दामाद भी शामिल है। आरोपियों ने सोसायटी की आवासीय योजना के लिए जमीन का सौदा किया था। लेकिन, बाद में सौदा रद्द होने पर पूरी रकम नहीं लौटाई। एसआईटी जांच में यह आरोप सही पाया गया।
शहर कोतवाली में धोखाधड़ी का यह मुकदमा सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने दर्ज कराया है। जोशी ने बताया कि उत्तराखंड सचिवालय कल्याण समिति को 2016 में सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत पंजीकृत कराया गया था। चार अगस्त को हुई पहली बैठक में तरला नागल में 84 सदस्यों ने सर्वसम्मति से भूमि का चयन किया था, ताकि कर्मचारियों को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराए जा सकें।
इसी दौरान लाडपुर निवासी आदेश चौहान, रवि चौधरी निवासी गाजियाबाद, सचिवालय कालोनी में रहने वाले कमल किशोर ने आवासीय योजना के लिए जमीन दिलाने का भरोसा दिया। जमीन काअनुबंध करने वाले रवि चौधरी और आदेश चौहान को दो करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये दिए गए। इसी बीच कुछ सदस्याें टोकन मनी समय पर नकरने हीं दी तो कुछ ने जमानत राशि वापस का अनुरोध किया।
चार नवंबर 2016 को समिति की बैठक में अनुबंध को निरस्त करते हुए पूरी रकम वापस लेने पर सहमति बनी। आदेश चौहान ने उस समय 40 लाख रुपये भी वापस कर दिए। बाकी रकम चेक के माध्यम से देना तय हुआ। इसके बाद जो चेक दिए गए, वह बैंक से बाउंस हो गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तब से ही आरोपी पक्ष रकम वापस करने में आनाकानी करता रहा। जनवरी 2019 में एसपी सिटी श्वेता चौबे के सामने भी आदेश चौहान आदि ने लिखित में रकम वापस करने का भरोसा दिया।
रकम वापस नहीं मिलने पर एसआईटी भूमि प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत की गई। आरोप है कि आदेश चौहान, रमेश चहल, रवि चौधरी और सचिन शर्मा ने साजिश के तहत रकम हड़पी है। समिति के सदस्य प्रशासनिक, न्यायिक और सचिवालय सेवा से जुड़े हैं। आदेश चौहान को एक पूर्व मंत्री का दामाद बताया जा रहा है। शहर कोतवाली पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।