राम मंदिर के मुद्दे पर क्या बोले आडवाणी, बात सुनते ही दिया यह जवाब
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राम मंदिर निर्माण पर पूरे जीवन राजनीति करते हुए भाजपा को शीर्ष पर पहुंचा चुके पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने जब राम मंदिर नाम का सुना तो उन्होंने बस एक ही बात कही।
कहा कि राम मंदिर के सवाल पर कुछ नहीं कहना है, मैं यहां केवल अपनी पत्नी की स्मृतियों का स्मरण करना चाहता हूं। हरिद्वार में रात्रि विश्राम के बाद पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी पुत्री प्रतिभा आडवाणी के साथ हरिहर आश्रम में आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि से मुलाकात की। आश्रम में उन्होंने रसाभिषेक करते हुए अपनी पत्नी कमला आडवाणी की आत्मा की शांति के साथ लोक कल्याण की कामना की।
शुक्रवार की दोपहर को लालकृष्ण आडवाणी कनखल स्थित हरिहर आश्रम पहुंचे। लालकृष्ण आडवाणी और उनकी पुत्री प्रतिभा आडवाणी ने महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के साथ बंदरों को केले खिलाए। इसके बाद वे अंदर परिसर में चले और करीब आधा घंटे तक तीनों ने एकांत में मंत्रणा की।
पत्नी को याद करते हुए भावुक हो गए आडवाणी
सूत्रों की माने तो राम मंदिर निर्माण सहित हिंदुत्व को बढ़ावा देने को दोनों के बीच मंथन हुआ। इसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी पुत्री प्रतिभा आडवाणी के साथ हवन किया। जिसमें अवधेशानंद गिरि और पंडितों ने हवन में रसाभिषेक, दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक कराया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अपनी पत्नी कमला आडवाणी को स्मरण करते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ बिताए 49 सालों को स्मरण करते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि वो आज उनके बीच नहीं है।
उन्होंने कहा कि सहयोगी के बिना वे किसी कार्य की कल्पना नहीं करता। उन्होंने कहा कि धन्य मानता हूं कि पुण्य आत्मा के पुण्य कर्मों से लाभ प्राप्त हुआ।