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लापरवाही से बंद हुआ दून का ये पिकनिक स्पॉट

Mon, 07 Apr 2014 10:53 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 07 Apr 2014 10:53 AM IST
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lachhiwala picnic spot closed

लोकसभा चुनाव आचार संहिता को वन विभाग ने अपनी नाकामियां छिपाने का जरिया बना लिया है।

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इस वर्ष के लिए टेंडर प्रक्रिया पर रोक
मामला लच्छीवाला स्थित पिकनिक स्पॉट का है। वन विभाग पुराने ठेकेदार से टेंडर की पूरी रकम वसूलने में तो नाकाम रहा, इस वर्ष के लिए टेंडर प्रक्रिया पर भी रोक लग गई।

अब विभाग ने आचार संहिता का हवाला देते हुए पिकनिक स्पॉट के गेट पर बंदी का नोटिस लगा दिया है। इससे हर रोज यहां आने वाले सैकड़ों सैलानी मायूस लौट रहे हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गत वर्ष लच्छीवाला में गेट एंट्री, पार्किंग का ठेका अजय जायसवाल को दिया गया था। अजय ने ठेके की रकम की पहली किस्त तो दे दी, लेकिन सालभर बाकी तीन किस्त नहीं दी।
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पर्यटक हैं परेशान
वन विभाग ने एक बार भी किस्त लेने के लिए दबाव नहीं बनाया। वित्तीय वर्ष समाप्त हुआ तो अजय ने शासन से पत्र जारी करवा टेंडर पर रोक लगवा दी। अजय का तर्क है कि आपदा में भारी घाटे के कारण वह रकम नहीं दे पा रहे हैं।

वन विभाग ने इस रोक के चलते खुद प्रयास करने के बजाए गेट पर नोटिस लगा दिया कि आचार संहिता लागू होने की वजह से टेंडर प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकती है।

आचार संहिता हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया होगी, तब गेट का ताला खुल पाएगा। उधर, डीएफओ देहरादून सुशांत पटनायक ने गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने बताया कि लच्छीवाला में मेंटेनेंस कार्य चल रहा है, जिस वजह से ताला लगाया गया है।


सवाल यह है कि टेंडर नहीं हो पा रहा था तो विभाग के कर्मचारी ही एंट्री गेट और पार्किंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

आयोग मना करता तो होता संहिता का मामला
विशेषज्ञ बताते हैं कि गेट बंद करने में आदर्श आचार संहिता वजह नहीं हो सकती।

प्रक्रिया के मुताबिक वन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग में अनुमति के लिए आवेदन किया होता और तब आयोग ने इस पर रोक लगाई होती, तभी गेट बंद होने के पीछे आचार संहिता को ठीक माना जा सकता था।

लेकिन विभाग ने अभी खुद ही संहिता का नोटिस लगाया है तो यह गलत है। गेट क्यों बंद है, इसकी सही जानकारी ही नोटिस में दी जानी चाहिए।

काम लटके तो दें जानकारी
आदर्श आचार संहिता के नाम पर कई विभागों ने इन दिनों आम जनता से जुड़े कार्यों को लटकाकर रखा हुआ है।

अगर आप भी विभागों की मनमानी से परेशान हैं तो हमें इस नंबर पर सुबह दस से दोपहर दो बजे के बीच बताएं: 9675201319, 9675201320

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