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Uttarakhand Congress: कुमारी शैलजा को मिली उत्तराखंड कांग्रेस की कमान, लोस चुनाव में होगी पहली परीक्षा

Sun, 24 Dec 2023 02:23 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 24 Dec 2023 02:23 PM IST
सार

कहा जा रहा है कि उत्तराखंड में प्रभारी की कमान संभाल रहे देवेंद यादव को प्रमोशन देकर बड़े राज्य पंजाब भेजा गया है, लेकिन जिस तरह से उनके पूरे कार्यकाल में उत्तराखंड कांग्रेस खेमों में बंटी नजर आई और वह क्षत्रपों को साथ लाने में नाकाम रहे, उनकी विदाई को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।

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Kumari Shailja become incharge of Uttarakhand Congress Now
कुमारी शैलजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस हाईकमान ने कई राज्यों के प्रभारी बदल दिए। बदलाव के इस झोंके में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव की भी विदाई हो गई। उनकी जगह प्रभारी की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं कुमारी शैलजा को दी गई। शैलजा वर्ष 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बतौर स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल रहीं। उत्तराखंड कांग्रेस में प्रभारी रहते देवेंद्र यादव क्षत्रपों की जिस गुटबाजी पर लगाम लगाने में नाकाम रहे, शैलजा के सामने सबको एकजुट करना पहली चुनौती होगा।

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वर्ष 2024 के आम चुनाव से पहले किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव के उत्तराखंड कांग्रेस के लिए खास मायने हैं। वैसे तो कहा जा रहा है कि उत्तराखंड में प्रभारी की कमान संभाल रहे देवेंद यादव को प्रमोशन देकर बड़े राज्य पंजाब भेजा गया है, लेकिन जिस तरह से उनके पूरे कार्यकाल में उत्तराखंड कांग्रेस खेमों में बंटी नजर आई और वह क्षत्रपों को साथ लाने में नाकाम रहे, उनकी विदाई को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है।
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देवेंद्र के कार्यकाल में विस चुनाव में कांग्रेस 11 से 19 सीटों पर जरूर पहुंची, लेकिन हवा का रुख कांग्रेस की ओर होने के बावजूद वह जीत के जादुई आंकड़े तक पार्टी को नहीं पहुंचा पाए। विस चुनाव की हार के बाद चंपावत और बागेश्वर उपचुनाव में भी वह कोई करिश्मा नहीं दिखा पाए। प्रभारी होने के बावजूद वह कई अहम मौकों पर उत्तराखंड से दूर ही रहे। प्रभार वाले राज्य में उनकी अनदेखी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अकसर सवाल उठते रहे हैं।

पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित कई बड़े नेताओं ने बतौर प्रभारी देवेंद्र यादव के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाए। विस चुनाव की हार के बाद खुले तौर पर उनका इस्तीफा तक मांगा गया। अब शैलजा को जिम्मेदारी दी गई है। शैलजा को गांधी परिवार का नजदीकी माना जाता है। वह एक सुलझी हुई नेता हैं और युवाओं को राजनीति में तरजीह देती हैं। उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी को तोड़कर दिग्गजों को एक मंच पर लाना उनके लिए भी चुनौती रहेगा। इसके बाद लोस चुनाव सिर पर खड़ा है। जहां उनकी पहली परीक्षा होगी।

यूपीए सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं शैलजा
कुमारी शैलजा अंबाला और सिरसा से सांसद रह चुकी हैं। यूपीए सरकार में वह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। वर्तमान में शैलजा एआईसीसी में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर हैं। शैलजा कांग्रेस के बड़े नेता रहे चौधरी दलवीर सिंह की बेटी हैं। सिंह भी हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और केंद्र में कई बार मंत्री रहे हैं। पिता की विरासत को संभालने वाली शैलजा कांग्रेस में तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने दी बधाई
कुमारी शैलजा के प्रदेश प्रभारी बनने में पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी, लालचंद शर्मा, सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप सहित तमाम नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।

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