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उत्तराखंड: संगठन और सरकार की रार, पहुंची आलाकमान के द्वार

Wed, 29 Jun 2016 03:13 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 29 Jun 2016 03:13 AM IST
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kishor upadhyay and harish rawat called to delhi.
किशोर उपाध्याय और हरीश रावत - फोटो : file photo

कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व और सरकार के बीच चल रही तकरार को अब केंद्रीय आलाकमान सुलझाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को दिल्ली तलब किया गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में देश भर के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों और विधानमंडल दल के नेताओं की बैठक है, मगर इतना औचक बुलावा कुछ और ही इशारा कर रहा है।

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बुधवार को किशोर उपाध्याय का दो दिनी कुमाऊं दौरा शुरू होना था। वहीं मुख्यमंत्री को भी कई कार्यक्रमों में जाने के अलावा कुछ बैठकों में हिस्सा लेना था। मगर रात अचानक दोनों के सभी कार्यक्रम रद्द होने की खबर आई।
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सूत्रों के मुताबिक हरीश रावत और किशोर उपाध्याय दोनों को पार्टी हाईकमान ने आनन-फानन में दिल्ली बुला लिया है। इसके पीछे अहम वजह दोनों में चल रही तकरार है। किशोर उपाध्याय मुख्यमंत्री पर लगातार पार्टी पदाधिकारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं। यह बात उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंच से भी कही, जो अखबारों की सुर्खियां बनीं।

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राज्यसभा की दावेदारी पर सामने आई थी तकरार

kishor upadhyay and harish rawat called to delhi.
किशोर उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला

इसके अलावा राज्यसभा प्रत्याशी प्रदीप टम्टा की दावेदारी और गढ़वाल-कुमाऊं फैक्टर पर भी उन्होंने कई बार तंज कसे। यही नहीं सरकार की वापसी में अहम रोल निभाने वाले पीडीएफ विधायकों को बेवजह तरजीह देने का भी आरोप लगाया है। हालांकि मुख्यमंत्री उनके हर आरोप को नकारते रहे।

दोनों में कई बार समझौते की कोशिश भी हुईं, लेकिन कारगर नहीं रहीं। इधर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और उसमें फिर से विनियोग विधेयक लाने की तैयारी चरम पर शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि ऐसे में यदि इस तकरार का फायदा उठाने में विपक्ष कामयाब हो जाता है तो सरकार पर फिर से सियासी संकट मंडरा सकता है।

इसके अलावा विधानसभा चुनाव भी सिर पर हैं। ऐसे में दोनों के बीच चल रही तकरार को खत्म करने के लिए अब केंद्रीय नेतृत्व ने दखल दिया है। कोशिश यही है कि जब ये वापस जाएं तो मनमुटाव पूरी तरह खत्म हो जाए।

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