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जसपुर में किसान महापंचायत: किसानों के आंदोलन से रुके पशु, विद्युत और बीज के बिल- चरण सिंह
Wed, 06 Oct 2021 09:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जसपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जसपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 06 Oct 2021 09:05 PM IST
सार
Kisan Mahapanchayat : चौधरी चरण सिंह बुधवार को जसपुर तहसील परिसर में भाकियू के संस्थापक बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 86वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित महापंचायत को संबोधित कर रहे थे।
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महापंचायत में पहुंचे किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पुत्र चौधरी चरण सिंह ने कहा कि देश के दो व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखों पर पट्टी बांध दी है। साढ़े दस माह के लंबे आंदोलन के बाद भी कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण रहा है। अगर किसान सरकार पर दबाव नहीं बनाते तो कॉरपोरेट घरानों के दबाव में विद्युत, बीज और पशुओं को लेकर भी किसान विरोधी कानून संसद में पारित हो गए होते।
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चौधरी चरण सिंह बुधवार को जसपुर तहसील परिसर में भाकियू के संस्थापक बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 86वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। कहा कि कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के रवैये से किसानों को बहुत अपमान सहना पड़ा है। छोटा किसान, हमारा भगवान स्लोगन अब बेमानी हो गया है। सरकार छोटी जोत के काश्तकारों का वजूद खत्म कर खेती को चुनिंदा बड़े घरानों को सौंपना चाहती है। प्रधानमंत्री भारत को कृषि प्रधान देश कहते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि सरकार प्रधानों की ही नहीं सुन रही है।
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लखीमपुर खीरी की घटना को क्रूरतम करार देते हुए कहा कि किसानों की हत्या करने वालों को सरकार की शह थी। वीडियो फुटेज से साफ जाहिर है कि किसानों की हत्या पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत हुई है। चौधरी ने संयुक्त किसान मोर्च के इरादों को साफ करते हुए कहा है कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में किसान विरोध ताकतों को परास्त किया जाएगा। गांव में लोग भाजपा नेताओं का विरोध करने लगे हैं। आरोप लगाया कि गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी से ज्यादा रकम उत्तर प्रदेश सरकार इसका प्रचार-प्रसार करने पर खर्च कर रही है।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि महापंचायत का आयोजन बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती मनाने के लिए किया गया था, लेकिन यह दुखद है कि इस कार्यक्रम को शहीद किसानों की श्रृद्धांजलि कार्यक्रम के तौर पर परिवर्तित करना पड़ा। काशीपुर में एस्कॉर्ट फार्म के किसानों को न्याय दिलाने में बाबा टिकैत का अहम योगदान रहा। आंदोलन में प्रत्येक किसान को अपनी भूमिका का निर्धारण करना होगा, तभी यह आंदोलन अपने उद्देश्य को पूर्ण करेगा।
भाकियू उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि बड़े पूंजीपति घराने आटा भी रिचार्ज सिस्टम से बेचना चाहते हैं। जैसे डाटा कंपनियों के हाथों में है, वैसे ही आटा भी उनके हाथों में चला जाएगा और गरीब को रोटी भी नहीं मिलेगी।
महापंचायत में युवा विंग्स के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू, रंजीत रंधावा, सुरजीत सिंह ढिल्लों, सुखदेव भुल्लर, सुखविंदर सिंह, मौ. जैद, कुलदीप सिंह आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने की। संचालन प्रेम सिंह सहोता ने किया।
धान का भुगतान 72 घंटे में करने की मांग
किसानों की महापंचायत में धान की बिक्री एमएसपी पर न होने पर आर-पार का आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। टिकैत के पुत्र चौधरी चरण सिंह और युवा विंग्स के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि अगर धान खरीद केंद्रों पर नमी के नाम पर किसानों को तंग किया गया तो वे मंडियों और तौल केंद्रों पर धरना देंगे। इस दौरान एसडीएम कार्यालय के बाहर धान की ट्रालियां पलट दी जाएंगी। उन्होंने तौल के 72 घंटे के अंतराल में किसानों का भुगतान करने की भी मांग की।
बुजुर्गों के होश और किसानों का जोश जरूरी
भाकियू नेता राकेश टिकैत के पुत्र चौधरी चरण सिंह ने युवा किसानों को नसीहत की है कि वह बुजुर्ग किसानों के सानिध्य में बैठकर उनसे राय मशविरा करें। किसानों का आंदोलन लंबा चलना है। ऐसे में बजुर्गों के होश और युवा जोश का साथ होना जरूरी है।