इस अनोखे काम के बाद दुनियाभर में रोशन होगा किन्नरों का नाम
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किन्नर समुदाय भी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान का हिस्सा बनने जा रहा है।
किसी घर में बेटी के जन्म लेने पर अब किन्नर न सिर्फ खुशियां मनाएंगे, बल्कि आशीर्वाद के साथ ही 101 रुपये का शगुन भी देंगे।
लोगों को बेटी के महत्व को समझाने के साथ ही उन्हें बताएंगे कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि इन्हीं से दो वंशों का नाम रोशन होता है। लिहाजा, बेटियों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।
'दया भारत सोसायटी' की संस्थापक एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष मैडम रजनी रावत का कहना है कि किन्नर समुदाय इस पहल की शुरुआत देहरादून जिले से करने जा रहा है। समाज हित में किन्नर समुदाय की यह कोशिश मील का पत्थर साबित होगी।
एचआइवी के प्रति भी जागरूक किया जा रहा
जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकारी नवीन मांगलिक बताते हैं कि किन्नर समुदाय के लोगों को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के साथ ही एचआइवी के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
किसी भी घर में बच्ची के जन्म लेने पर किन्नर समुदाय के लोग न सिर्फ बधाई देंगे। साथ ही अभियान का संदेश भी देंगे। यही नहीं, वे नवजात के वक्त पर टीककारण आदि के महत्व को भी समझाएंगे।
नवीन मांगलिक ने बताया कि इस अभियान को लेकर उनमें खासा उत्साह है। जल्द ही सोसायटी की ओर से हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल समेत अन्य स्थानों पर भी प्रशिक्षण देने की योजना है। मकसद यही है कि लोग जागरूक हों। इस मुहिम में किन्नर समुदाय का साथ लिया जा रहा है।