किडनी कांड: पति के बचाव में उतरीं BJP की यें मंत्री, बोलीं आरोप साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगी
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राज्यमंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल शाहू से जुडे़ किडनी प्रकरण पर सदन में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में सरकार की तरफ से जब राज्यमंत्री रेखा आर्य ने पक्ष रखना चाहा, तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया।
नाराज विपक्ष नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में वेल पर आ गया और सदन की कार्यवाही बाधित कर दी। स्पीकर की अनुमति के बावजूद विपक्ष ने राज्यमंत्री को बोलने नहीं दिया। इसके बाद सदन के बाहर रेखा आर्य ने पत्रकार वार्ता में विपक्ष को खुला चैलेंज दिया कि अगर उनके पति पर आरोप साबित हो जाते हैं, तो न केवल मंत्री पद और विधायकी बल्कि राजनीति ही छोड़ देंगी।
सदन में उपनेता करन माहरा पहले हाफ में नियम-58 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव लाए। माहरा ने कहा कि नरेश गंगवार नाम के व्यक्ति ने मंत्री के पति के खिलाफ धोखे से किडनी निकाल लेने का मामला दर्ज कराया है। इससे पहले भी जमीनों की धोखाधड़ी के आरोप में मंत्री पद के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं।
विपक्ष हुआ हमलावर
लेकिन, सरकार के संरक्षण के कारण आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। माहरा ने मंत्री का इस्तीफा भी मांगा। इसके बाद, संसदीय कार्य मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार की तरफ से राज्यमंत्री रेखा आर्य जवाब देंगी।
इस पर नेता प्रतिपक्ष और अन्य कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा कर दिया। रेखा आर्या ने बोलना शुरू किया, तो नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल समेत समूचा विपक्ष वेल पर आ गया और सदन नहीं चलने दिया।
स्पीकर ने विपक्ष से शांत रहने की अपील की और कहा कि राज्यमंत्री सरकार का हिस्सा हैं और वह आरोपित नहीं है। इसलिए वह सरकार का पक्ष रख सकती हैं। मगर विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
जानिए क्या बोले सीएम त्रिवेंद्र
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही जब शुरू हुई, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि तीन साल पुराने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के अलावा कोई भी बात उत्तराखंड से नहीं जुड़ी है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह प्रस्ताव खारिज हो गया। सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत में बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे नहीं है। कहा कि यदि मामले में आरोप सिद्ध हुए तो वे राजनीति छोड़ देंगी और यदि आरोप साबित नहीं होते तो करन माहरा विधायकी से इस्तीफा दे दें।
श्रीलंका में किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में शपथ पत्र दिखाते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष के विधायक बिना तथ्यों और सबूतों के आधार पर हो हल्ला कर रहे हैं।
विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहता, इसलिए किडनी कांड और अन्य आधारहीन मुद्दों को उठा रहा है।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री