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सैनिक फार्म बचाने को खंडूड़ी आए आगे
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 15 Feb 2014 04:11 PM IST
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सैनिक फार्म पत्थरचट्टा की भूमि हस्तांतरण पर राज्य सरकार के अस्पष्ट रुख पर पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने चिंता जताई है।
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खंडूड़ी ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि सत्ता संभालने के बाद से प्रदेश में सरकारी भूमि को खुर्द बुर्द करने का अभियान चला रखा है, जिसके तहत अब सरकार की नजर पत्थरचट्टा सैनिक फार्म की 1423 एकड़ कृषि भूमि पर है।
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पूर्व सीएम ने कहा कि अगर सरकार शीघ्र कोई निर्णय नहीं लेती तो राष्ट्रपति के समक्ष पूरा प्रकरण लेकर जाएंगे।
विस्थापितों को बसाने की तैयारी
उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के अधीन संचालित होने वाला सैनिक फार्म की भूमि राज्य सरकार वन गुर्जरों सहित अन्य भूमिहीनों के विस्थापन के लिए करने की तैयारी में है।
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विपक्ष ने सदन में दो दिन तक हंगामा किया लेकिन सरकार ने सैनिक फार्म को पूर्व सैनिकों के लिए सुरक्षित रखने का आश्वासन न देकर राज्यपाल के पाले में गेंद डाल दी।
सरकार पर लगाया सैनिकों की उपेक्षा का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी ने कहा कि सैनिक फार्म से होने वाली आय से पूर्व सैनिकों, सैनिक विधवाओं एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ कई कल्याणकारी योजनाओं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में आयी जानकारी के मुताबिक अब तक वर्ष 2013-14 में पत्थरचट्टा सैनिक फार्म से लगभग 4 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों उनकी विधवाओं एवं आश्रितों के लिये और कल्याणकारी योजना बनाने के स्थान पर पहले से चली आ रही कल्याणकारी योजनाओं को समाप्त करने पर आमादा है।
जाएंगे राष्ट्रपति के पास
खंडूड़ी ने साफ किया कि अगर इस विषय में सरकार ने शीघ्र ही कोई निर्णय नहीं लिया तो वह राष्ट्रपति के समक्ष सारी वस्तुस्थिति रखेंगे। खंडूड़ी ने कहा कि राष्ट्रपति से पूर्व सैनिकों के हितों के संरक्षण के लिए हस्तक्षेप कर फार्म को बचाएंगे।