खादी ग्रामोद्योग बोर्ड मामला: गबन करने वाले चार अफसरों पर दर्ज होगी एफआईआर, दो निलंबित
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खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में नौ साल पहले हुई उपकरणों की खरीद में सरकारी धन का गबन करने के मामले में शासन ने तत्कालीन जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी समेत छह के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें चार के खिलाफ अल्मोड़ा में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
वर्ष 2010 में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की योजना के तहत अल्मोड़ा में बुनकरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई थी। रुद्रप्रयाग जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी कमल कुमार रावत उस समय अल्मोड़ा जनपद में क्षेत्रीय अधीक्षक के पद तैनात थे। उन्होंने प्रशिक्षण के लिए उपकरण खरीदे बिना ही भुगतान कर दिया था। जांच में मौके पर सामान नहीं मिला।
इस पर उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों को जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंपी गई थी। इसके बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने विभागीय स्तर पर कमेटी गठित कर जांच कराई। जिसमें जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी कमल कुमार रावत, हरीश तिवारी समेत दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला अल्मोड़ा में दर्ज किया जाएगा। वहीं, बोर्ड में वित्तीय अनियमितताओं पर बागेश्वर के बिक्रीकर्ता गिरि गोस्वामी और कपकोट बिक्री भंडार के कताई शिक्षक प्रकाश चंद को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।
जांच में बोर्ड की योजना में उपकरण खरीद में सरकारी धन गबन करने का दोष साबित हुआ है। बिना उपकरण खरीदे ही लाखों का भुगतान किया गया। जिस पर तत्कालीन क्षेत्रीय अधीक्षक समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया जाएगा। जबकि दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
- आनंद स्वरूप, अपर सचिव एवं बोर्ड के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी