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Kedarnath By Election: मंदिर के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस पार नहीं पाई, भाजपा की जीत के बने ये पांच कारण

Sat, 23 Nov 2024 01:24 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 23 Nov 2024 01:24 PM IST
सार

केदारनाथ घाटी का जनादेश भाजपा के पक्ष में गया है। इस उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी हुई थी। वहीं केदारनाथ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस ने नई दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास को मुद्दा बनाने पर पूरा जोर दिया। लेकिन केदारनाथ मंदिर के चक्रव्यूह में कांग्रेस खुद ही फंस गई और पार नहीं पा पाई। तो आइए आपको बताते हैं भाजपा के उपचुनाव में जीत के वो कौन से बड़े कारण रहे।

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Kedarnath Assembly By Election 2024 Result Major reasons for BJP victory in Kedarnath by-election
सीएम धामी और भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

केदारनाथ उपचुनाव सिर्फ एक विस सीट नहीं रहा। इस सीट पर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की प्रतिष्ठा नहीं विचारधारा भी दांव पर लगी थी। बदरीनाथ में हार के बाद उसे वैचारिक मोर्चे पर रक्षात्मक होना पड़ा था। पार्टी ऐसी असहज स्थिति दोबारा नहीं बनने देना चाहती थी। इसलिए पार्टी ने उपचुनाव पूरी ताकत झोंकी।

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90 हजार से अधिक मतदाता वाली केदारनाथ विधानसभा की जनता ने शनिवार को अपना जनादेश दिया। जनता ने भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को अपना विधायक चुना है। इसी के साथ केदारनाथ विधानसभा में महिला प्रत्याशी की जीत का मिथक भी भाजपा ने दोहराया। 
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पिछले करीब तीन महीने से उपचुनाव की तैयारी में जुटे सियासी दलों की तैयारियों और प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लगातार 17 दिन तक किए धुआंधार प्रचार का फल जनता ने भाजपा की झोली में डाला। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए भाजपा ने कई कसर नहीं छोड़ी। वहीं केदारनाथ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस ने नई दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास को मुद्दा बनाने पर पूरा जोर दिया। लेकिन केदारनाथ मंदिर के चक्रव्यूह में कांग्रेस खुद ही फंस गई और पार नहीं पा पाई। आइए आपको बताते हैं केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा की जीत के बड़े कारण... 

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तीन महीने पहले चुनावी प्रबंधन के रणनीतिकारों को मैदान में उतारा
उपचुनाव का विधिवत एलान से तकरीबन तीन महीने पहले चुनावी प्रबंधन के रणनीतिकारों को मैदान में उतार दिया था। युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा और प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी संग विधायक भरत चौधरी का वहां प्रचार थमने तक अधिकतम समय गुजरा है।

 

सीएम ने पूरी ताकत झोंकी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी उपचुनाव का रुख भाजपा के पक्ष में कराने को ताकत झोंकने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। आपदा के प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज से लेकर विस क्षेत्र के विकास से जुड़ी योजनाओं की स्वीकृति तक के निर्णय फटाफट लिए। चुनाव की घोषणा से पहले ही केदारनाथ की जनता के बीच बार-बार पहुंचे और प्रचार के आखिरी दिन भी उन्होंने डेरा जमाया।

भाजपा की ये ताकत 
प्रदेश और केंद्र में सरकार, केदारनाथ से सीधे पीएम मोदी का जुड़ाव, सीएम, मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारियों का प्रचार उपचुनाव में भाजपा की ताकत बना।

महिला प्रत्याशी पर लगाया दांव
महिला मतदाता बहुल सीट पर दो बार की विधायक रही महिला चेहरे आशा नौटियाल पर लगाया गया दांव भाजपा का मजबूत पक्ष बना। भाजपा को उम्मीद थी कि  महिला प्रत्याशी पर लगाया गया दांव सही साबित होगा और महिला उम्मीदवार की जीत का मिथक दोहराएगा।

दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास मामला सूझबूझ से संभाला

नई दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास भाजपा का कमजोर पक्ष माना जा रहा था, लेकिन सीएम धामी ने इस मामले को बड़ी सूझबूझ से संभाला। और लोगों की नाराजगी को दूर किया।

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