{"_id":"06f93dccead221108cbd42d559de61f1","slug":"kawar-yatra-from-one-august-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोले की भक्ति का पर्व शुरू होने में अब बस तीन दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोले की भक्ति का पर्व शुरू होने में अब बस तीन दिन
ब्यूरो / अमर उजालाए हरिद्वार
Updated Tue, 28 Jul 2015 07:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोले का पर्व कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने के बीच अब केवल तीन दिन शेष रह गए हैं। यद्यपि कांवडिए कईं दिनों से आ रहे हैं, किंतु गुरुवार से आगमन की गति तेज हो जाएगी।
विज्ञापन
गुरु पूर्णिमा के दिन 31 जुलाई को बड़ी संख्या में कांवडिय़ों का आगमन होगा। बम-बम का शोर शुरू होता देख धर्मनगरी हरिद्वार के मंदिर सजने लगे हैं। नगर को भी कईं भागों में सजाया-संवारा जा रहा है।
विज्ञापन
श्रावण मास में कनखल के दक्षेश्वर, दरिंद्र भंजन, दुख भंजन, हरिद्वार के नीलेश्वर, गौरीशंकर और बिल्वकेश्वर मंदिरों का विशेष महत्व होता है। इन मंदिरों में कांवडिय़ों की भीड़ प्रतिदिन उमड़ती है। सभी मंदिरों का भगवान भोलेनाथ और सती से सीधा संबंध रहा है।
विज्ञापन
इन मंदिरों को सजाने का काम शुरू हो गया है। पूरे श्रावण मास श्रद्धालु कनखल के दक्ष घाट पर महीने भर का स्नान करते हैं। प्रबंधक महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा घाट क्षेत्र को भी संवारा जा रहा है। कांवड़ यात्रियों की सर्वाधिक भीड़ सूखी नदी से लेकर शिवमूर्ति तक के क्षेत्र में रहती है।
इसी क्षेत्र में हरकी पैड़ी पड़ती है, जो सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र है। भीमगोड़ा और खडखड़ी को अतीत का इतिहास देखते हुए संवेदनशील माना गया है। हरकी पैड़ी से सटे बाजार क्षेत्र की निगरानी का काम शुरू हो चुका है।
मंगलवार को पुलिस तंत्र ने इस पूरे क्षेत्र का हाल-चाल क्षेत्र में जाकर जाना। विशेष रूप से बाजारों में अवांछित तत्वों पर निगरानी की जा रही है। आवासीय क्षेत्रों में ठहरने वालों पर भी निगाह रखी जा रही है।