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जीवन में भौतिक सुखों के साथ ही अध्यात्म भी जरूरी : संजय जुगलान
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Iनौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन
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Iमां भगवती और राज राजेश्वरी की डोली का नृत्य देख भावविभोर हुए भक्तI
हरिपुर में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास संजय जुगलान ने कहा कि संसार में जब तक गाय और कन्या का अपमान होता रहेगा, विपत्तियां आती रहेंगी। उन्होंने गाय के साथ ही कन्याओं के संरक्षण की बात कही। कहा कि कन्याएं देवी का रूप होती हैं।
कथा व्यास ने मां भगवती से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। भजनों के माध्यम से मां भगवती की महिमा का गुणगान किया। कहा कि मां भगवती शक्ति स्वरूपा है, जो भी मां की शरण में जाता है, उसका कल्याण होता है। मनुष्य को सांसारिक सुखों के साथ-साथ मोक्ष भी मिलता है। कहा कि कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने सनातनी धर्म के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा भारतीय संस्कृति को संरक्षित करें। भौतिक सुखों के साथ ही अध्यात्म भी जीवन में जरूरी है। मां भगवती और राज राजेश्वरी की डोली का नृत्य देख भक्त भावविभोर हो गए। डोली ने लोगों को आशीर्वाद भी दिया। लोगों ने मन्नतें मांगी। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष वीर सिंह रावत, आचार्य नितेश कोठारी, चरण सिंह, प्रकाश भट्ट, रविंद्र भट्ट, किरण पंवार आदि मौजूद रहे।
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Iमां भगवती और राज राजेश्वरी की डोली का नृत्य देख भावविभोर हुए भक्तI
हरिपुर में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास संजय जुगलान ने कहा कि संसार में जब तक गाय और कन्या का अपमान होता रहेगा, विपत्तियां आती रहेंगी। उन्होंने गाय के साथ ही कन्याओं के संरक्षण की बात कही। कहा कि कन्याएं देवी का रूप होती हैं।
कथा व्यास ने मां भगवती से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। भजनों के माध्यम से मां भगवती की महिमा का गुणगान किया। कहा कि मां भगवती शक्ति स्वरूपा है, जो भी मां की शरण में जाता है, उसका कल्याण होता है। मनुष्य को सांसारिक सुखों के साथ-साथ मोक्ष भी मिलता है। कहा कि कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने सनातनी धर्म के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा भारतीय संस्कृति को संरक्षित करें। भौतिक सुखों के साथ ही अध्यात्म भी जीवन में जरूरी है। मां भगवती और राज राजेश्वरी की डोली का नृत्य देख भक्त भावविभोर हो गए। डोली ने लोगों को आशीर्वाद भी दिया। लोगों ने मन्नतें मांगी। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष वीर सिंह रावत, आचार्य नितेश कोठारी, चरण सिंह, प्रकाश भट्ट, रविंद्र भट्ट, किरण पंवार आदि मौजूद रहे।
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