Karnaprayag: सड़क हादसे रोकने के लिए अनोखा प्रदर्शन, ग्रामीणों ने गांव में लगा दिए ‘डेथ रोड’ के बैनर
विभाग की ओर से बनाई गई रोड दो किमी तक जगह-जगह टूट गई है जबकि डामरीकरण जगह-जगह उखड़ गया और पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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विकासखंड गैरसैंण के टेंटुडा से नैणी सड़क जगह-जगह टूट गई है। सड़क पर हादसे रोकने के लिए ग्रामीणों ने एक अनोखा प्रदर्शन शुरू किया है। ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण के लिए सड़क पर ‘डेथ रोड’ के बैनर लगाए और सुधारीकरण की मांग उठाई। कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत बनाई गई सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही जगह-जगह टूटने लगी है जिससे सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
विकासखंड गैरसैंण के टेंटुडा से नैणी गांव के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 3.40 किमी सड़क का निर्माण किया गया। कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को 199.75 लाख की लागत से सड़क निर्माण का जिम्मा दिया गया। विभाग ने 1 अक्तूबर 2021 को काम शुरू किया गया और 31 मार्च 2022 को पूरा किया गया लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क जगह- जगह से टूटने लगी। साथ ही बिछाया गया डामर भी उखड़ने लगा।
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पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह, यशवंत सिंह, इंद्र सिंह कंडारी, ममंद अध्यक्ष हंसी रावत आदि ने कहा कि विभाग की ओर से बनाई गई रोड दो किमी तक जगह-जगह टूट गई है जबकि डामरीकरण जगह-जगह उखड़ गया और पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की गई लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में ग्रामीणों ने इस सड़क पर अब डेथ रोड (मृत सड़क) के बैनर लगाकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने निर्माणदायी विभाग ब्रिडकुल के कार्य की जांच की मांग भी उठाई और जल्द सड़क सुधारीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सड़क के लिए आपदा मद से लगभग एक करोड़ से अधिक की लागत से डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके लिए लगातार शासन स्तर पर वार्ता की जा रही है। डीपीआर स्वीकृत होने पर सड़क का काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
- अनिल नौटियाल, विधायक कर्णप्रयाग।