कारगिल युद्घः देवभूमि के सर्वाधिक वीरों ने हंसते हुए दी जान
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कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के सर्वाधिक रणबांकुरों ने दुश्मन को देश की सरहद से बाहर खदेड़ते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर किया।
राज्य के 75 रणबांकुरें कारगिल युद्ध में शहीद हुए। राज्य के 16 सैनिकों को उनके अदम्य साहस के लिए वीरता पदकों से अलंकृत किया। राज्य की कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को मार भगाने में अहम योगदान दिया है।
गढवाल रेजिमेंट के 54 सैनिक शहीद हुए थे। कारगिल युद्ध में भाग लेने वाली लगभग हर रेजिमेंट में उत्तराखंड के बहादुर सैनिक शामिल थे। भारतीय सेना ने 524 सैनिकों को खोया तो वहीं 1363 गंभीर रूप से घायल हुआ। पाकिस्तानी सेना के लगभग चार हजार सैन्य बलों के जवान मारे गए।
कारगिल युद्ध में जिलावार शहीद
देहरादून - 26
अल्मोड़ा - 3
बागेश्वर - 3
चमोली - 7
चंपावत -
नैनीताल - 5
पौड़ी - 10
पिथौरागढ़ - 4
रुद्रप्रयाग - 3
टिहरी - 11
उधम सिंह नगर - 2
उत्तरकाशी - 1
अलंकृत सैनिक
मेजर विवेक गुप्ता - महावीर चक्र
मेजर राजेश सिंह भंडारी- महावीर चक्र
नाइक ब्रिजमोहन सिंह - वीर चक्र
नाइक कश्मीर सिंह - वीर चक्र
ग्रुप कैप्टन एके सिन्हा - वीर चक्र
आनरेरी कैप्टन खुशीमन गुरुंग - वीरचक्र
राइफलमैन कुलदीप सिंह - वीर चक्र
लेफ्टिनेंट गौतम गुरुंग - सेना मेडल
सिपाही चंदन सिंह - सेना मेडल
लांस नाइक देवेंद्र प्रसाद - सेना मेडल
नाइक शिव सिंह - सेना मेडल
नायक जगत सिंह - सेना मेडल
राइफलमैन ढब्बल सिंह - सेना मेडल
लांस नाइक सुरमन सिंह - सेना मेडल
आनरेरी कैप्टन ए हेनी माओ - सेना मेडल
आनरेरी कैप्टन चंद्र सिंह - सेना मेडल